शिवपुरी जिले के पिछोर विधानसभा क्षेत्र में महापुरुषों की मूर्तियां रातोंरात लगाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला ग्राम पंचायत खुरई के भितरगुआं और कालीपहाड़ी के बीच किचार खांद मंदिर के समीप का है, जहां शुक्रवार की रात वीरांगना महारानी अवंतीबाई की प्रतिमा चुपचाप स्थापित कर दी गई।
सुबह खेतों पर पहुंचे ग्रामीणों को चली पता
शनिवार सुबह जब स्थानीय ग्रामीण अपने खेतों की ओर जा रहे थे, तब उनकी नजर इस नई प्रतिमा पर पड़ी। प्रतिमा को हरे रंग के पर्दे से ढंक कर फूलों की मालाओं से सजाया गया था। यह दृश्य देखते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और इस बात को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं कि यह मूर्ति किसने और किस उद्देश्य से लगाई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह प्रतिमा पूरी तरह से सरकारी जमीन पर लगाई गई है। इसे गोपनीय तरीके से रात के वक्त स्थापित किया गया था। किसी भी सार्वजनिक स्थल या सरकारी भूमि पर महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित करने के लिए सक्षम प्रशासनिक अनुमति होना अनिवार्य है, लेकिन पिछोर क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर इस तरह के कृत्य लगातार हो रहे हैं।
क्षेत्र में पहले भी आ चुके हैं ऐसे कई मामले
बिना अनुमति के रातोंरात प्रतिमाएं स्थापित किए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे करीब 20 से 25 दिन पहले भी पिछोर विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उस दौरान खोड़ चौकी क्षेत्र के बूधौन गांव में महारानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा लगाई गई थी।
इसी तरह मायापुर थाना क्षेत्र के पड़ौरा गांव में भी रानी अवंतीबाई का छायाचित्र लगाकर लोहे के फ्रेम और पक्के फाउंडेशन का निर्माण कर दिया गया था। उस वक्त रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती का समय नजदीक होने के कारण इन मामलों ने काफी तूल पकड़ा था।
प्रतिमा खंडित होने की घटनाएं भी बढ़ा चुकी हैं तनाव
खनियाधाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत सांदीपनि स्कूल के पास स्थापित लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने का मामला भी पूर्व में सामने आ चुका है। स्थानीय निवासी शोभाराम पाल के अनुसार, समाज के लोगों ने आपसी चंदा एकत्रित कर लगभग दो साल पहले वह प्रतिमा लगवाई थी।
बीती 30 मई 2025 की रात को अज्ञात उपद्रवियों ने उस प्रतिमा को क्षति पहुंचाई थी, जिसके बाद दोबारा ठीक कराई गई मूर्ति के हाथ में मौजूद शिवलिंग और तलवार भी टूटी हुई मिली थी। इस प्रकार की घटनाओं के चलते स्थानीय नागरिकों और समाज विशेष के लोगों में रोष भी देखा गया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!