तलाक के समझौते के लिए हुई थी बातचीत
पुलिस के मुताबिक, गोल पहाड़िया निवासी संजुम बानो ने शिकायत दर्ज कराई है। संजुम की शादी 25 फरवरी 2023 को श्योपुर निवासी अमन खान से हुई थी। कुछ महीनों बाद दोनों अलग रहने लगे।
तलाक के समझौते के लिए मामला कोर्ट तक पहुंचा। आरोप है कि संजुम के ससुराल पक्ष ने शादी में दिया गया सामान भी वापस नहीं किया था। इसी दौरान एक परिचित के माध्यम से संजुम की मुलाकात नायाब से हुई।
3 लाख रुपये दिलाने का दिया भरोसा
शिकायत के अनुसार, नायाब ने राजनीतिक पहुंच और पहचान होने का दावा करते हुए विवाद सुलझाने तथा दहेज की रकम वापस दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद संजुम और अमन के बीच तलाक का समझौता कराने की बात हुई।
20 नवंबर 2025 को नायाब ने संजुम को कोर्ट में बुलाया, जहां अमन के साथ 3 लाख रुपये में विवाह विच्छेद का समझौता होने की बात सामने आई।
अमन ने खाते में भेजे 2 लाख रुपये
समझौते के दिन अमन ने नायाब के खाते में 2 लाख रुपये ट्रांसफर किए। वहीं बाकी 1 लाख रुपये तलाक की डिक्री मिलने के बाद देने की बात तय हुई।
डिक्री मिलने के बाद अमन ने नायाब को बाकी रकम संजुम के खाते में भेजने के लिए कहा। आरोप है कि नायाब ने रुपये भेजने का भरोसा तो दिया, लेकिन रकम संजुम को नहीं दी।
50-50 हजार की दो किश्तों में भेजे रुपये
शिकायत में आरोप है कि 18 दिसंबर को अमन ने 50-50 हजार रुपये की दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1 लाख रुपये नायाब के खाते में भेजे।
इस तरह नायाब के पास संजुम को देने के लिए कुल 3 लाख रुपये पहुंच गए। लेकिन आरोप है कि नायाब ने संजुम के खाते में सिर्फ 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए और बाकी 2.50 लाख रुपये अपने पास रख लिए।
बाकी पैसे मांगने पर धमकी देने का आरोप
संजुम का आरोप है कि जब उसने नायाब से शेष 2.50 लाख रुपये मांगे तो उसने राजनीतिक पकड़ का रौब दिखाया और कथित तौर पर घर से उठवाकर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!