ऐतिहासिक क्षेत्र के पास हो रहा है भारी खनन
गुना जिले के बजरंगगढ़ इलाके में खनन गतिविधियां अनियंत्रित रूप से बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर पत्थरों की निकासी का कार्य चल रहा है, जिससे पूरा प्राकृतिक भूगोल प्रभावित हो रहा है।
किले से महज कुछ दूरी पर संचालित हैं क्रशर
बजरंगगढ़ के ऐतिहासिक किले और पुरातत्व विभाग के संरक्षण वाले क्षेत्र से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर करीब 7 से 9 बड़े स्टोन क्रशर संचालित हो रहे हैं। ड्रोन से सामने आई तस्वीरों में इन खदानों और क्रशरों की मौजूदगी साफ तौर पर देखी जा सकती है।
ब्लास्टिंग और भारी वाहनों से बदल रहा स्वरूप
इन क्रशरों तक सामग्री पहुंचाने और निकालने के लिए क्षेत्र में लगातार जेसीबी मशीनों और हाइवा वाहनों की आवाजाही बनी हुई है। पहाड़ियों से पत्थर निकालने के लिए विस्फोट (ब्लास्टिंग) किए जाने के भी गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिससे प्राकृतिक पहाड़ियों का स्वरूप तेजी से बिगड़ रहा है।
भारी भरकम वाहनों के निरंतर संचालन से स्थानीय मार्गों और रास्तों पर भी भारी दबाव पड़ रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि पुरातात्विक महत्व वाले इस संवेदनशील क्षेत्र के आसपास इन खनन गतिविधियों को संचालित करने की अनुमति किन नियमों और शर्तों के तहत दी गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!