ग्वालियर। पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाते समय मशीन की रीडिंग और ग्राहकों के साथ कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्वालियर के बहोड़ापुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां पेट्रोल की रीडिंग को लेकर सवाल करने पर ग्राहक और पेट्रोल पंप कर्मचारी के बीच बातचीत का वीडियो सामने आया है। मामला बहोड़ापुर क्षेत्र में गणेश मंदिर के पास ए.बी. रोड, लश्कर स्थित शिव सूर्या फिलिंग सेंटर (इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप) का बताया जा रहा है।

पेट्रोल भरवाते समय मीटर की रीडिंग पर नजर गई

जानकारी के मुताबिक, यह घटना ग्राहक के साथ स्वयं हुई। ग्राहक अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाने के लिए उक्त पेट्रोल पंप पर पहुंचा था। पेट्रोल भरते समय उसकी नजर मशीन के मीटर पर गई। ग्राहक का कहना है कि उसे मशीन की रीडिंग 15–20 से शुरू होती हुई दिखाई दी। इसे लेकर उसने मौके पर मौजूद पेट्रोल पंप कर्मचारी से सवाल किया और मशीन की रीडिंग के बारे में स्पष्ट जानकारी मांगी। ग्राहक के अनुसार, वह केवल यह जानना चाहता था कि मीटर इस तरह क्यों शुरू हुआ और पेट्रोल की मात्रा की रीडिंग किस प्रकार दर्ज हो रही है।

स्पष्ट जवाब के बजाय कर्मचारी के व्यवहार पर उठे सवाल

ग्राहक का आरोप है कि उसके सवाल का सीधा और संतोषजनक जवाब देने के बजाय पेट्रोल पंप कर्मचारी ने बातचीत को दूसरे तरीके से मोड़ दिया और कथित तौर पर मजाकिया एवं असभ्य अंदाज में जवाब दिया। इसी बातचीत के दौरान कर्मचारी द्वारा ‘भारत माता की जय’ शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया, जिसे ग्राहक ने आपत्तिजनक और सवाल से असंबंधित तरीके से इस्तेमाल किया जाना बताया है। इस पूरी बातचीत का वीडियो ग्राहक के पास मौजूद है, जिसमें संबंधित कर्मचारी की बातचीत और व्यवहार को देखा-सुना जा सकता है।

सवाल पेट्रोल की मात्रा से ज्यादा पारदर्शिता का

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कोई ग्राहक पेट्रोल की मात्रा अथवा मशीन की रीडिंग को लेकर सवाल करता है तो उसे उसकी शंका का स्पष्ट, शांतिपूर्ण और तकनीकी रूप से सही जवाब मिलना चाहिए या नहीं? ग्राहक का कहना है कि उसने कर्मचारी से केवल मशीन की रीडिंग को लेकर सवाल किया था। ऐसे में कर्मचारी की जिम्मेदारी थी कि वह ग्राहक को मशीन की कार्यप्रणाली और रीडिंग के बारे में संतोषजनक जानकारी देता। यदि किसी ग्राहक को पेट्रोल की मात्रा या मशीन की रीडिंग को लेकर संदेह होता है, तो उसके सवाल को गंभीरता से लेना और उचित तरीके से जवाब देना ग्राहक सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

पेट्रोल पंप प्रबंधन की जिम्मेदारी भी अहम

इस घटना ने पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्राहक आते हैं और पेट्रोल-डीजल जैसी आवश्यक वस्तु की खरीदारी करते हैं। ऐसे में पेट्रोल पंप संचालक की जिम्मेदारी होती है कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों को ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, स्पष्ट जानकारी और शिकायतों को उचित तरीके से सुनने के संबंध में निर्देश दिए जाएं। ग्राहक का कहना है कि यदि किसी मशीन की रीडिंग को लेकर कोई शंका है तो कर्मचारी को ग्राहक की शंका दूर करनी चाहिए, न कि बातचीत को मजाक या बहस की तरफ ले जाना चाहिए।

क्या मीटर में वास्तव में कोई गड़बड़ी थी?

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि सिर्फ मीटर को 15–20 से शुरू होता हुआ दिखाई देने के आधार पर पेट्रोल की मात्रा में कमी या मशीन में गड़बड़ी साबित नहीं होती। मीटर की तकनीकी स्थिति अथवा पेट्रोल की सही मात्रा की पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा जांच के बाद ही की जा सकती है। इसलिए इस मामले में मुख्य सवाल फिलहाल ग्राहक द्वारा देखी गई मीटर रीडिंग और उसके बाद कर्मचारी द्वारा दिए गए जवाब एवं व्यवहार को लेकर है।

ग्राहकों के लिए जरूरी बात

पेट्रोल भरवाते समय ग्राहक को मशीन की रीडिंग पर ध्यान देना चाहिए। यदि मीटर की शुरुआत, पेट्रोल की मात्रा या भुगतान की राशि को लेकर कोई संदेह हो तो पेट्रोल भरने से पहले या उसी समय कर्मचारी से स्पष्ट जानकारी मांगना उचित है। जरूरत पड़ने पर ग्राहक पेट्रोल पंप प्रबंधन के सामने अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है और संबंधित विभाग से भी जांच की मांग कर सकता है।

फिलहाल इस पूरे मामले में ग्राहक के पास मौजूद वीडियो सामने आया है और वीडियो में दिखाई-सुनाई देने वाली बातचीत के आधार पर कर्मचारी के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मीटर में किसी तकनीकी गड़बड़ी की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

“ग्राहक का सवाल था मीटर की रीडिंग को लेकर, लेकिन बातचीत पहुंच गई ‘भारत माता की जय’ तक—अब सवाल पेट्रोल पंप कर्मचारी के व्यवहार पर।”