श्योपुर में बुधवार को पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन यानी ईद-मिलादुन्नबी का पर्व पूरी अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आसमान से गिरती रिमझिम फुहारें भी मुस्लिम समाज के लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकीं और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे।

तीन अलग-अलग हिस्सों से निकला जुलूस

इस पावन अवसर पर शहर के तीन अलग-अलग स्थानों से जुलूस की शुरुआत हुई। करबला रोड और फदनपुरा से उठे जुलूस छारबाग, टीला मोहल्ला, बोहरा बाजार, सुबात चौराहा और मुख्य बाजार से गुजरते हुए पटेल चौक पहुंचे। इसी कड़ी में गांधी नगर से आरंभ हुआ जुलूस भी पटेल चौक पर आकर इनसे मिल गया।

इसके पश्चात तीनों जुलूस संयुक्त रूप से जय स्तंभ मार्ग से होते हुए गांधी चौक पर पहुंचे। इस दौरान पूरे मार्ग में स्थानीय नागरिकों द्वारा जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया। पारंपरिक लिबास में नजर आए छोटे बच्चों ने सभी का भरपूर ध्यान खींचा।

ऊंट और घोड़ों ने बढ़ाया आकर्षण

निकाले गए इस भव्य जुलूस में शामिल किए गए ऊंट और घोड़े शहरवासियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बने रहे। मौसम के सुहाना होने और बारिश के बीच लोगों का यह कारवां देखने लायक था, जिसमें बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ने हिस्सा लिया।

मदरसों में हुए धार्मिक कार्यक्रम और अमन का पैगाम

जुलूस के संपन्न होने के बाद शहर के विभिन्न मदरसों में सीरतुन्नबी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के दौरान वक्ताओं ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन चरित्र, उनके उपदेशों, मानवता, आपसी भाईचारे और देश में प्रेम-सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया।

त्योहार के मद्देनजर प्रशासन द्वारा शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हल्की बारिश और जुलूस में उमड़ी भारी भीड़ के बावजूद पूरा आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।