चंबल अंचल के बीहड़ इलाकों में एक बार फिर से दुर्दांत बदमाशों की हलचल बढ़ने की सूचना से स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। साठ हजार रुपये का इनामी डकैत कल्ली गुर्जर अपने साथियों के साथ मुरैना के निरार, पहाड़गढ़ और जौरा के जंगलों में सक्रिय बताया जा रहा है।

दो जिलों के आठ थानों की संयुक्त टीमों का कड़ा पहरा

लगभग पंद्रह दिन पहले निरार थाना क्षेत्र के तोर गांव के आसपास इस गिरोह की मौजूदगी की भनक लगी थी, जिसके तुरंत बाद मुरैना और ग्वालियर की पुलिस ने साझा कार्रवाई शुरू की। हालांकि घेराबंदी पुख्ता होने से पहले ही आरोपी अपने साथियों समेत जंगली रास्तों से फरार होने में कामयाब रहा। इसके बाद से ही घाटीगांव, पनिहार, मोहना, तिघरा, आरोन, गिठई समेत कई अन्य थानों का बल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहा है।

ग्रामीणों में खौफ और हाइवे पर वारदात से बढ़ी चिंता

इलाके के लोगों का कहना है कि बदमाशों द्वारा पुलिस को मुखबिरी न करने की चेतावनी दी गई है, जिसके चलते ग्रामीण डर के साये में जी रहे हैं और खुलकर जानकारी साझा करने से कतरा रहे हैं। इसके अलावा, जुलाई के आखिर में ग्वालियर-शिवपुरी मार्ग पर मोहना व घाटीगांव के बीच एक वाहन को रोककर की गई गोलीबारी की घटना को भी इसी गिरोह के कारनामों से जोड़कर देखा जा रहा है।

आपराधिक पृष्ठभूमि और पुलिस का संकल्प

मुरैना के सरायछोला थाना अंतर्गत बखासिन गांव के निवासी कल्ली ने कभी कुख्यात गुड्डा गुर्जर के साथ रहकर अपराध की दुनिया में कदम रखा था। साल 2022 में एक नाबालिग से जबरन विवाह की जिद और फायरिंग के मामले के बाद वह खाकी के रडार पर आया था।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल के मुताबिक बरसात के मौसम के बीच दुर्गम बीहड़ों में कांबिंग करना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन ग्वालियर और मुरैना पुलिस मिलकर इस गिरोह की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं। अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए ताकि इस इनामी अपराधी को जल्द से जल्द शिकंजे में कसा जा सके।