गुना जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अगरा और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट से राहत पाने के लिए एक बड़ा विद्युत उपकेंद्र मंजूर किया गया था। इस 33/11 केवी बिजली उपकेंद्र और फीडर को कथित तौर पर उसकी तय जगह से हटाकर अन्यत्र शिफ्ट किए जाने की चर्चा सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है।

पूर्व मंत्री ने किया था भूमिपूजन, हो चुके हैं खंभे खड़े

ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का भूमिपूजन पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया द्वारा किया गया था। इसके लिए राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया था और पंचनामा भी तैयार किया था। प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद भदौरा से अगरा के बीच करीब 80 बिजली के खंभे गाड़े जाने थे, जिनमें से लगभग 20 खंभे धरातल पर लगाए भी जा चुके हैं।

स्थान परिवर्तन के पीछे हस्तक्षेप का लगाया आरोप

प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति पर आरोप लगाया है कि वह इस फीडर को भिंडरा की तरफ ले जाने के लिए लोगों को प्रभावित कर रहा है। हालांकि ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्य नियमों और निर्धारित योजना के मुताबिक ही धरातल पर उतरे।

ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि परियोजना के स्थान में बदलाव किया गया है या इसे रद्द करने का कोई आदेश जारी हुआ है, तो उसकी प्रति और वास्तविक कारण सार्वजनिक किए जाएं। साथ ही मौके पर पहले से खड़े किए गए खंभों का भी निरीक्षण करवाया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

जांच पूरी होने तक कार्रवाई रोकने की मांग

अगरा और आसपास के सात-आठ गांवों की विद्युत आवश्यकताओं का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने आग्रह किया है कि मूल रूप से चिन्हित स्थान पर ही सबस्टेशन का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि पूरे मामले में किसी के कथित दखल की निष्पक्ष जांच हो और जब तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक परियोजना को स्थानांतरित करने से जुड़ी हर गतिविधि पर रोक लगाई जाए।