सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर चल रहीं थीं बसें
भिंड शहर में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान संयुक्त अमले ने शहर के माउंट लिटेरा स्कूल और मॉडल स्कूल पहुंचकर वहां संचालित होने वाली कुल 26 स्कूली बसों की तकनीकी और सुरक्षा संबंधी जांच की।
जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकांश वाहनों में सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन पाया गया। कुछ वाहनों में फर्स्ट एड किट, सीसीटीवी कैमरे, खिड़कियों की रैलिंग और पैनिक बटन जैसी व्यवस्थाएं गायब थीं, तो कुछ में उनकी समय-सीमा समाप्त हो चुकी थी।
मॉडल स्कूल की चार बसें जब्त, इमरजेंसी गेट मिले लॉक
अधिकारियों की टीम जब मॉडल स्कूल पहुंची तो वहां खड़े 11 वाहनों की बारीकी से पड़ताल की गई। इनमें से चार वाहन पूरी तरह से अनफिट पाए गए। सबसे गंभीर बात यह थी कि इन चारों बसों के इमरजेंसी गेट पर ताले लगे हुए थे और आपात स्थिति में वे खुल नहीं रहे थे।
बच्चों की जान जोखिम में डालने वाली इन चारों बसों को मौके पर ही अधिकारियों ने अनफिट घोषित करते हुए जब्त कर लिया। साथ ही स्कूल प्रबंधन को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसे वाहनों का संचालन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अग्निशमन यंत्र नहीं चला सके चालक और परिचालक
माउंट लिटेरा स्कूल में जांच के दौरान अधिकारियों ने बस चालकों और परिचालकों की व्यावहारिक दक्षता की भी परीक्षा ली। जब उनसे वाहन में रखे अग्निशमन यंत्र को चलाकर दिखाने को कहा गया, तो कई चालक उसकी पिन तक नहीं निकाल सके।
कर्मचारियों की इस लापरवाही को देखते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों ने खुद एक चालक को फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का तरीका सिखाया और उसका अभ्यास कराया। स्कूलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कर्मचारियों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने का नियमित प्रशिक्षण दें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले शिक्षण संस्थानों और वाहन संचालकों के खिलाफ यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!