तीन महीने के विराम के बाद पर्यटकों का स्वागत

श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क के दरवाजे मानसून सत्र के चलते तीन महीने तक बंद रहने के बाद आज यानी एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए दोबारा खोल दिए गए हैं। पर्यटकों की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए पार्क प्रशासन ने सफारी के लिए जिप्सियों और अधिकृत गाइडों की संख्या में इजाफा किया है, ताकि किसी भी सैलानी को असुविधा का सामना न करना पड़े।

पर्यटकों की संख्या में लगातार हो रहा इजाफा

पिछले पर्यटन सत्र के दौरान कूनो में कुल 9,117 पर्यटकों ने भ्रमण किया था, जो कि इसके पिछले वर्ष के आंकड़ों के मुकाबले दोगुने से भी अधिक था। चीतों को खुले जंगल में छोड़े जाने के बाद से यहां लगातार सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए प्रबंधन ने इस बार करीब 20 हजार पर्यटकों के आने का अनुमान लगाया है और उसी अनुरूप व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं।

ससुविधाओं का विस्तार और बुकिंग प्रक्रिया

पर्यटकों की सुविधा के लिए श्योपुर जिला मुख्यालय पर एक नया टिकट काउंटर शुरू किया गया है, वहीं टिकटोली में अत्याधुनिक पर्यटक सुविधा केंद्र भी तैयार किया जा रहा है। सफारी के लिए एडवांस बुकिंग मध्य प्रदेश वन विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए की जा सकती है, इसके अलावा पार्क के गेट पर ऑफलाइन टिकट की सुविधा भी उपलब्ध है।

पार्क में सफारी का संचालन प्रतिदिन दो पालियों में किया जाता है। सुबह की पाली में प्रवेश का समय 6 बजे और बाहर निकलने का समय 11:30 बजे निर्धारित है। वहीं शाम की पाली में प्रवेश दोपहर 3 बजे से होता है और सैलानी शाम 6 बजे तक बाहर आते हैं। कूनो में घूमने के लिए टिकटोली, आहेरा और पीपल बावड़ी प्रमुख तीन गेट बनाए गए हैं, इसलिए बुकिंग के दौरान पर्यटकों को गेट का विशेष ध्यान रखना होगा।