कूनो नेशनल पार्क से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पार्क की दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता 'निर्वा' को बुधवार को शिवपुरी जिले के एक ग्रामीण इलाके से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। पिछले 13 दिनों से वन विभाग की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं।
20 अगस्त को शावकों से हो गई थी अलग
यह मादा चीता गत 20 अगस्त को अपने शावकों से बिछड़ गई थी। इसके बाद से ही उसका कोई सटीक ठिकाना नहीं मिल पा रहा था। समस्या तब और बढ़ गई जब निर्वा के गले में बंधे सैटेलाइट कॉलर में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे उसकी रियल-टाइम लोकेशन मिलना बंद हो गई थी।
चलाया गया व्यापक सर्च अभियान
चीता निर्वा को ढूंढने के लिए वन विभाग ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। जंगल और आसपास के इलाकों में हर रोज पांच विशेष सर्च टीमें उतारी गई थीं। इन टीमों में जिम्मेदार अधिकारियों के अलावा 50 से अधिक वनकर्मी और अनुभवी चीता ट्रैकर दिन-रात गश्त कर रहे थे।
अभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों का भी पूरा सहयोग लिया गया। ग्रामीणों को चीता निर्वा के हुलिए और उसकी गतिविधियों की जानकारी दी गई थी, ताकि कहीं भी मूवमेंट दिखने पर तुरंत सूचना मिल सके।
रेडियो सिग्नल की मदद से हुई पहचान
बुधवार को वन विभाग को ग्रामीण क्षेत्र के पास किसी बड़े वन्यजीव के मूवमेंट की खबर मिली। सूचना मिलते ही सर्च टीमें बिना देर किए बताए गए स्थान पर पहुंच गईं। वहां रेडियो सिग्नल की मदद से जानवर की पहचान की गई, जिससे यह पुष्टि हो गई कि वह मादा चीता निर्वा ही है।
सफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान निर्वा के उस खराब कॉलर को भी बदल दिया गया है जो काम नहीं कर रहा था।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मादा चीता निर्वा पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी शारीरिक स्थिति सामान्य बनी हुई है। लंबे समय तक चली तलाश के बाद उसके सुरक्षित मिल जाने से वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के अमले में खुशी की लहर दौड़ गई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!