खड़ियाहार गांव में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
मुरैना जिले के खड़ियाहार गांव में संचालित मदरसा आयशा इस्लामिया पर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसा है। बुधवार को सामने आई इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के तहत मदरसे को सील कर दिया गया है, क्योंकि वहां कागजों और जमीन पर हकीकत में भारी अंतर पाया गया।
रिकॉर्ड में 445 और मौके पर मिले सिर्फ 35 बच्चे
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि संस्थान के आधिकारिक दस्तावेजों में कक्षा एक से आठवीं तक कुल 445 विद्यार्थियों का पंजीयन दर्ज था। हालांकि, जब टीम ने औचक निरीक्षण किया तो मौके पर केवल 35 छात्र ही उपस्थित पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा और स्थान वहां उपलब्ध नहीं था। पूरा संस्थान मात्र दो कमरों और एक छोटे से आंगन के सहारे संचालित हो रहा था।
अनियमितताएं मिलने पर मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
मौके पर शैक्षणिक रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से नहीं मिले और शिक्षकों की उपस्थिति व संख्या को लेकर भी स्थिति पूरी तरह संदिग्ध पाई गई। शिक्षा विभाग की सहायक संचालिका वर्षा कोहली ने बताया कि छात्र संख्या और उपलब्ध जगह में भारी असमानता के कारण यह कदम उठाया गया है।
छात्रों के पंजीयन और भौतिक सत्यापन में भारी अंतर मिलने के साथ ही शैक्षणिक रिकॉर्ड अनुपस्थित थे, जिसके चलते मदरसे को सील कर इसकी मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
विद्यार्थियों का सरकारी स्कूलों में होगा प्रवेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई से बच्चों की शिक्षा पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। मदरसे के सील होने के बाद वहां दर्ज बच्चों को उनकी पढ़ाई जारी रखने के वास्ते नजदीकी शासकीय विद्यालयों में दाखिल कराने के निर्देश जारी किए गए हैं, और शिक्षा विभाग इस दिशा में प्रक्रिया पूरी कर रहा है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!