देशभर में स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया जा रहा था, लेकिन गुना जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धरनावदा में स्कूली बच्चों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों और अतिथियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं।

सुविधाओं की मांग पर धमकाने का आरोप

छात्रों का कहना है कि स्कूल में मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। जब वे इस बारे में प्राचार्य ममता सोनी से शिकायत करने जाते हैं, तो उन्हें परीक्षा में फेल करने जैसी धमकियां दी जाती हैं। बच्चों का यह भी आरोप है कि उनके अभिभावक जब स्कूल पहुंचते हैं, तो उनके साथ भी बदसलूकी की जाती है और उन्हें परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाता.

जनप्रतिनिधियों के सामने छलका बच्चों का दर्द

स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में गांव के सरपंच, स्थानीय नेता और कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे। बच्चों ने रोते हुए अपनी पीड़ा बयां की, जिसे सुनकर वहां मौजूद अतिथियों का भी गुस्सा फूट पड़ा। अभिभावकों और छात्रों ने एकजुट होकर मांग की है कि प्राचार्य ममता सोनी को तुरंत इस पद से हटाया जाए।

अभिभावकों ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि स्कूल के सुचारू संचालन और बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए शासन के नियमों के तहत किसी अन्य शिक्षक को प्रभार सौंपा जाए।

पहले भी विवादों में रही हैं प्राचार्य

जानकारी के अनुसार, यह प्राचार्य पहले भी विवादों का हिस्सा रह चुकी हैं। वर्ष 2022 में राघौगढ़ ब्लॉक के रुठियाई हायर सेकंडरी स्कूल में पदस्थ रहने के दौरान उनके खिलाफ 16 शिक्षकों ने वित्तीय अनियमितताओं और मनमानी की लिखित शिकायत डीईओ से की थी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर तत्कालीन डीईओ ने उन्हें प्रभारी प्राचार्य पद से हटा दिया था।

इस ताजा मामले का वीडियो सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी समर सिंह राठौर ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को जांच सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल उस स्कूल के शिक्षकों के बीच आपसी समन्वय की कमी है और विवाद की स्थिति बनी रहती है।