भिंड जिले के ऊमरी थाने में दर्ज अपहरण के एक प्रकरण में पुलिस और परिजनों को हैरान कर देने वाला सच सामने आया है। जिस युवती को पुलिस अभी तक अपहरण का शिकार मानकर तलाश कर रही थी, वह खुद ही अपने प्रेमी के साथ शातिर तरीके से छिपकर रह रही थी।

साउथ दिल्ली के पते पर बनवाए जाली दस्तावेज

कानून और परिजनों की नजरों से बचने के लिए इस जोड़े ने दक्षिण दिल्ली के पते पर दो फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाए थे। इन जाली दस्तावेजों के सहारे दोनों ने ग्वालियर शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित होटल साया में पति-पत्नी के रूप में कमरा लिया और कई दिनों तक वहां ठहरे रहे।

न्यायालय में बयानों के दौरान हुआ खुलासा

मामले में दस्तयाब की गई युवती लक्ष्मी राजावत ने अदालत के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए, जिसमें उसने फर्जी आईडी बनवाने की बात स्वीकार की। इसके बाद भिंड पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में महिला उपनिरीक्षक द्वारा इस पूरे मामले की गहन जांच की गई और दोनों फर्जी आधार कार्ड जब्त कर लिए गए।

जब्त किए गए पहले कार्ड पर 'प्रिया चौहान' नाम दर्ज था जिस पर लक्ष्मी की तस्वीर थी, जबकि दूसरे कार्ड पर 'करण चौहान' के नाम से आशीष राजावत की फोटो लगी थी। दोनों ही पहचान पत्रों पर दक्षिण दिल्ली की एक ही कॉलोनी का पता दर्ज किया गया था।

होटल के रजिस्टरों से खुली पोल

जांच अधिकारी जब ग्वालियर के स्टेशन रोड स्थित संबंधित होटल में पहुंचे, तो वहां के रिकॉर्ड से चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। प्रेमी जोड़े ने अगस्त के शुरुआती दिनों में लगातार अलग-अलग कमरों में रुककर इन फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया था, जिसकी प्रतियां होटल प्रबंधन ने पुलिस को सौंप दी हैं।

युवती ने पुलिस के समक्ष यह भी स्पष्ट किया कि वह बालिग है और अपनी स्वेच्छा से आशीष राजावत के साथ गई थी। बहरहाल, अपहरण के इस मामले में अब पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।