ग्वालियर अंचल के डबरा क्षेत्र में पॉक्सो अधिनियम के एक मामले और कथित ब्लैकमेलिंग के चलते एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह तबाह हो गया है। बहुराष्ट्रीय कंपनी में अपनी सेवाएं दे रहे छब्बीस वर्षीय इंजीनियर युवक ने मानसिक प्रताड़ना के चलते अपनी जान गंवा दी। इस सदमे को बर्दाश्त न कर पाने के कारण अस्सी दिन पहले उसकी मां ने भी दुनिया छोड़ दी।

घटना की शुरुआत और चॉकलेट दिलाने का बहाना

मृतक लवजीत राणा ने बारहवीं कक्षा में डबरा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया था और इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद गुरुग्राम स्थित एक एमएनसी में नौकरी कर रहा था। बीस अप्रैल दो हजार पच्चीस को वह अवकाश के दौरान डबरा आया था। वह अपने मित्र आकाश गुप्ता के साथ उसकी गाड़ी में सवार होकर, उसी मकान में किराए पर रहने वाले कानपुर के एक परिवार की लगभग तीन साल की मासूम बच्ची को चॉकलेट दिलाने ले गया था।

परिजनों के अनुसार लगभग बीस मिनट के भीतर ही बच्ची को सुरक्षित वापस छोड़ दिया गया था। इसके बावजूद बच्ची की मां ने आकाश पर गंभीर आरोप लगाए और इस प्रकरण में लवजीत को भी सह-आरोपी बना दिया गया। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की, जिससे लवजीत अत्यधिक मानसिक तनाव में आ गया था।

साठ लाख रुपये की मांग और लगातार ब्लैकमेलिंग

लवजीत के पिता दलजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि मुकदमे में राजीनामा करने के एवज में बच्ची के माता-पिता और उनके पक्षकार वकील द्वारा साठ लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की मांग की गई थी। उनका कहना है कि वे तीस लाख रुपये का भुगतान कर चुके थे, फिर भी शेष तीस लाख रुपयों के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

दलजीत सिंह के मुताबिक पैसे देने के बाद भी आरोपियों ने अदालत में बयान बदलने का वादा पूरा नहीं किया और दोबारा पैसों की मांग शुरू कर दी। इसी निरंतर मानसिक उत्पीड़न के कारण बीस दिसंबर दो हजार पच्चीस को लवजीत ने ग्वालियर के गोला का मंदिर इलाके में अपने चाचा के आवास पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।

मां ने आठ महीने तक लड़ा संघर्ष, पुलिस ने दबोचा दंपती को

युवा बेटे की असमय मौत के बाद उसकी मां चंद्रा राणा ने न्याय पाने के लिए लगातार आठ महीनों तक पुलिस और प्रशासन के चक्कर काटे। आरोपियों की प्रताड़ना से टूट चुकी मां ने भी बाईस अगस्त दो हजार छब्बीस को दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटनाक्रम के बाद गोला का मंदिर थाना पुलिस ने हरकत में आते हुए कानपुर से मुख्य आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल वकील की तलाश अभी जारी है।