ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल (JAH) समूह के अंतर्गत आने वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (SSB) में चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। अस्पताल परिसर में बहुप्रतीक्षित किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा का पहला सफल ऑपरेशन रविवार को पूरा कर लिया गया।
छतरपुर से आए दंपति ने दिखाई मिसाल
इस जटिल प्रक्रिया के तहत छतरपुर के रहने वाले 60 वर्षीय कृष्णकांत गुप्ता को उनकी 55 वर्षीय पत्नी मीना गुप्ता ने अपनी एक किडनी दान की है। पत्नी के इस साहसिक कदम से मरीज को नया जीवनदान मिला है।
छह घंटे तक चली जटिल सर्जरी
ऑपरेशन से पहले डोनर यानी पत्नी को एक दिन पूर्व ही अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था। सभी आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण, मनोवैज्ञानिक परामर्श और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद रविवार सुबह 8:30 बजे यह महा-ऑपरेशन आरंभ हुआ। दिल्ली के मणिपाल अस्पताल के यूरोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट विभागाध्यक्ष डॉ. विकास जैन के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने करीब छह घंटे की कड़ी मेहनत के बाद दोपहर 3:00 बजे सर्जरी को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
लंबे समय से चल रही थी बीमारी
दंपति के बेटे सुमित गुप्ता ने बताया कि उनके पिता को दिसंबर 2018 से किडनी से जुड़ी दिक्कत थी और वे लगातार डायलिसिस पर थे। हाल ही में किडनी का कार्यकौशल दस प्रतिशत से भी कम रह गया था, जिसके चलते ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचा था। डॉ. अंकित शर्मा की सलाह पर परिवार ने यह कदम उठाया और मां ने आगे आकर पति को अपनी किडनी दी।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की इंचार्ज डॉ. नीलिमा टंडन ने इस सफलता की पुष्टि करते हुए बताया कि पति-पत्नी दोनों को अगले 7 से 10 दिनों तक डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। इस सफलता के बाद अब ग्वालियर-चंबल अंचल के मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!