ग्वालियर में नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों को अब नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने सोमवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में शहरवासियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीवर, स्वास्थ्य व्यवस्था, पार्कों के रखरखाव और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुबह के वक्त मैदानी निरीक्षण करने के निर्देश

निगम मुख्यालय में संपन्न हुई समय सीमा की बैठक के दौरान निगमायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 9 बजे तक अपने मैदानी क्षेत्रों का दौरा करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों से अधिक शिकायतें मिल रही हैं, वहां विशेष ध्यान दिया जाए और यदि संभव हो तो मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को आपसी तालमेल बैठाकर काम करने और अपनी जिम्मेदारी दूसरों पर टालने की प्रवृत्ति से बचने को कहा गया है।

गौशाला प्लांट के लिए कचरा आपूर्ति की समीक्षा

बैठक के दौरान गौशाला स्थित सीबीजी प्लांट में आने वाले गीले कचरे की स्थिति का भी जायजा लिया गया। निगमायुक्त ने विधानसभावार गीले कचरे की आवक की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट में प्रतिदिन कम से कम 10 टन गीला कचरा पहुंचना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है।

सीएम हेल्पलाइन और एप की शिकायतों पर सख्त रुख

सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने अगस्त माह की समस्त लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण 20 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए अधिकारियों को साप्ताहिक लक्ष्य भी दिए गए हैं, जिनके तहत तय समय सीमा में प्रकरणों को बंद कराना होगा। उन्होंने 'नोन-अटेंडेंट' शिकायतों पर गहरी नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी स्थिति मिलने पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, 'स्वच्छ ग्वालियर' एप पर दर्ज होने वाली शिकायतों को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। निगमायुक्त ने कहा कि एप के माध्यम से मिलने वाली हर शिकायत का समाधान अधिकतम तीन दिनों के भीतर हो जाना चाहिए। तय समय सीमा का पालन न करने वाले अमले पर भी निगम द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।