ग्वालियर शहर के ऐतिहासिक शासकीय पद्माराजे कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। इस परिसर में लगभग 2200 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जहां 63 करोड़ रुपये की लागत से सांदीपनि विद्यालय के नए ब्लॉक का निर्माण कार्य चल रहा है। कार्य के दौरान दूसरी मंजिल पर स्लैब की कास्टिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक शटरिंग का ढांचा भरभराकर नीचे आ गिरा।
पिलर टूटे और चार मजदूर हुए घायल
छत का मलबा गिरने से उसे थामने वाले दो पिलर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इस दुर्घटना की चपेट में आने से चार मजदूर घायल हो गए। घायलों की पहचान हरिराम (38), राजेश (32), दिलेश्वर (25) और झरोखा (38) के तौर पर हुई है। सभी को फौरन जय आरोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में पहुंचाया गया। प्रोजेक्ट इंजीनियर मनोज कुमार का कहना है कि सभी घायलों को मामूली चोटें आईं और उनकी हालत स्थिर है।
सुपरवाइजर ने पंप के प्रेशर को बताया कारण
हाथों-हाथ मौके पर मौजूद सुपरवाइजर बलवंत सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि कंक्रीट पंप के बहुत ज्यादा दबाव के कारण एक ही जगह पर ज्यादा सामग्री जमा हो गई थी, जिससे शटरिंग वजन नहीं संभाल पाई और बैठ गई। हालांकि उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता खराब होने से साफ इनकार किया है, लेकिन इस घटना ने साइट पर सुरक्षा मानकों और तकनीकी देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तैयार हो चुके ब्लॉक की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत दो ब्लॉक बनाए जाने हैं, जिनमें से एक का काम पूरा हो चुका है और दूसरे का चल रहा था। जानकारों का मानना है कि इस हादसे के बाद न सिर्फ निर्माणाधीन हिस्से की मजबूती की जांच होनी चाहिए, बल्कि जो ब्लॉक पहले से तैयार है उसकी गुणवत्ता का भी सुरक्षा ऑडिट कराया जाना चाहिए ताकि छात्राओं की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ न हो।
यह निर्माण कार्य मध्य प्रदेश पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के अंतर्गत ठेकेदार गुलशन राय द्वारा किया जा रहा है। दुर्घटना की खबर मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीईआरएफ का अमला मौके पर पहुंचा। कलेक्टर रुचिका चौहान ने कॉरपोरेशन के एमडी अनंत कुमार सिंह से बात कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, जिसके बाद चीफ प्रोजेक्ट इंजीनियर के नेतृत्व में एक तकनीकी जांच दल का गठन किया गया है।
दूसरी ओर, स्कूल के प्रिंसिपल रविंद्र शर्मा ने बताया कि पहला ब्लॉक बनकर तैयार है हालांकि अभी उसका आधिकारिक हैंडओवर नहीं हुआ है, फिर भी वहां छात्राओं की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। बिना हैंडओवर के कक्षाओं के संचालन से यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि इस हिस्से में कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!