ग्वालियर शहर में सड़कों के निर्माण कार्यों में बरती जा रही अनियमितताओं की पड़ताल का दायरा लगातार व्यापक होता जा रहा है। इसी सिलसिले में रविवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ की ओर से बनाए गए तीन सदस्यीय स्पेशल कमीशन ने तकनीकी विशेषज्ञों और भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने एजी ऑफिस पुल से लेकर विक्की फैक्ट्री तक विभिन्न हिस्सों से सड़क के नमूने हासिल किए।
कोर ड्रिल मशीन और जेसीबी से निकाले गए सैंपल
सड़क की मजबूती और उसमें इस्तेमाल सामग्री की असलियत जानने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया गया। कोर ड्रिल मशीन और जेसीबी की सहायता से सड़क की गहराई तक जाकर कंक्रीट के टुकड़े निकाले गए। इन नमूनों के माध्यम से डामर या सीमेंट की मोटाई, कंक्रीट के घनत्व और बेस मटेरियल की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद सभी सैंपल सीलबंद करके परीक्षण के लिए अधिकृत सेंट्रल टेस्टिंग लैब को रवाना कर दिए गए हैं।
सोमवार को अदालत में प्रस्तुत होगी रिपोर्ट
इस जनहित मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई तय है। जांच आयोग अपनी प्रारंभिक और भौतिक निरीक्षण रिपोर्ट एक बंद लिफाफे में अदालत को सौंपेगा। इस रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही घटिया निर्माण कार्य के लिए जिम्मेदार नगर निगम व लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों, प्रशासनिक अमले और संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई की रूपरेखा तय होने की संभावना है।
न्यायालय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि चिन्हित 116 सड़कों पर सैंपल लेने की प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार का पैचवर्क या लीपापोती नहीं की जाएगी। इसके अलावा, जब तक प्रयोगशाला से जांच के अंतिम परिणाम नहीं आ जाते, तब तक संबंधित ठेकेदारों के बकाये भुगतानों पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
विशेष कमीशन और तकनीकी अमले की निगरानी
हाईकोर्ट द्वारा गठित इस एडवोकेट कमीशन में गौरव समाधिया बतौर चेयरमैन कार्य कर रहे हैं, जबकि पवन सिसोदिया और हिमांशु शर्मा को सदस्य बनाया गया है। रविवार को चली इस कार्रवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर के साथ अन्य नामित कोर्ट कमिश्नर भी मौके पर मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप या विवाद की आशंका को टालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
गौरतलब है कि शहर की सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार और सतही मरम्मत के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने ये कड़े कदम उठाए हैं। पिछले कई हफ्तों से लगातार अलग-अलग रूटों पर कभी डिजिटल स्कैनिंग तो कभी सैंपलिंग का दौर जारी है, जिसके तहत गुढ़ी-गुढ़ा का नाका, बेटी बचाओ चौराहा, एनएच-44 और चेतकपुरी क्षेत्र के मार्ग पहले ही जांच के दायरे में आ चुके हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!