ग्वालियर रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में यात्रियों का सफर उस वक्त आसान हो गया जब जीआरपी पुलिस ने सक्रिय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। शुक्रवार शाम की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्धों को दबोचने में सफलता हासिल की।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक निवेदिता सिंह तोमर के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ट्रेनों में हो रही चोरियों पर लगाम कसने के लिए लगातार निगरानी कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि कुछ शातिर किस्म के लोग चोरी किए गए महंगे मोर्चों को ठिकाने लगाने की फिराक में घूम रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर घेराबंदी की और तीनों संदेहियों को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर की गई कड़ाई से पूछताछ में उन्होंने रेलवे ट्रैक और ट्रेनों के सफर के दौरान वारदातों को अंजाम देने का जुर्म कबूल कर लिया।
बुंदेलखंड और महाकौशल एक्सप्रेस से की थी चोरियां
पकड़े गए आरोपियों में शामिल संजय श्रीवास्तव ने खुलासा किया कि उसने 16 अगस्त 2026 को बुंदेलखंड एक्सप्रेस के कोच एम-3 से एक यात्री का महंगा आईफोन उड़ाया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 80 हजार रुपए कीमत का वह आईफोन और वारदात में प्रयुक्त डेढ़ लाख रुपए की अपाचे मोटरसाइकिल जब्त कर ली है।
वहीं गिरोह के अन्य सदस्यों अक्षय उर्फ प्रवेश राठौर और एक नाबालिग के पास से अलग-अलग कंपनियों के कुल 26 अन्य मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में इन लोगों ने महाकौशल एक्सप्रेस सहित अन्य गाड़ियों में हुई चोरियों की वारदातों को भी स्वीकार किया है।
आरोपियों की पहचान और जப்தी
पुलिस के शिकंजे में आए आरोपियों की पहचान संजय श्रीवास्तव (उम्र 23 वर्ष, निवासी जल विहार फुटपाथ), अक्षय उर्फ प्रवेश राठौर (उम्र 27 वर्ष, निवासी नई बस्ती चंदनपुरा) और एक विधि-विरुद्ध बालक के रूप में हुई है।
कुल मिलाकर जीआरपी ने आरोपियों के कब्जे से 27 एंड्राइड और आईफोन मोबाइल बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत काफी अधिक है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन्होंने ये मोबाइल अन्य किन लोगों को बेचने की योजना बनाई थी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!