गुना जिले की पुलिस के लिए गौरव का पल सामने आया है, जहां महकमे के दो थाना प्रभारियों को प्रतिष्ठित केएफ रुस्तम जी पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) द्वारा वर्ष 2024-25 के वास्ते विभिन्न श्रेणियों के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची जारी की गई है, जिसमें मध्य प्रदेशभर से कुल 37 पुलिसकर्मियों का नाम शामिल किया गया है।

विशिष्ट श्रेणी में हुआ चयन

घोषित की गई सूचियों के मुताबिक, गुना जिले में पदस्थ कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव और पुलिस लाइन में सेवाएं दे रहे निरीक्षक राजेंद्र सिंह चौहान को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस सम्मान के अंतर्गत दोनों अधिकारियों को पचास हजार रुपए की नकद राशि के साथ प्रमाण पत्र भेंट किया जाएगा। प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए मिलने वाले इस पुरस्कार से स्थानीय पुलिस बल में भी उत्साह का माहौल है।

हनुमान टेकरी डकैती का खुलासा करने पर अनूप भार्गव सम्मानित

कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव को यह उपलब्धि हनुमान टेकरी मंदिर पर हुई सनसनीखेज डकैती के खुलासे में उनके बेहतरीन नेतृत्व के चलते मिली है। वर्ष 2024 में 25 अगस्त को नकाबपोश बदमाशों ने पहाड़ी के रास्ते से मंदिर परिसर में धावा बोला था और सुरक्षा गार्ड को बंधक बनाकर भगवान का मुकुट, गदा समेत अन्य कीमती आभूषण तथा दान पेटी की नकदी चुरा ली थी। अपराधी जाते वक्त सीसीटीवी का डीवीआर भी अपने साथ ले गए थे।

घटना के खुलासे के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने तकनीकी साक्ष्यों, पांच सौ से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की मदद से इस वारदात में राजस्थान की कालबेलिया गैंग की संलिप्तता का पता लगाया था। पुलिस ने झालावाड़ जिले से आरोपियों को दबोचकर इस बड़ी चुनौती को सफलताaपूर्वक हल किया था, जिसमें अनूप भार्गव की भूमिका अहम रही थी।

राजेंद्र चौहान को खेत से चांदी बरामद करने पर मिला सम्मान

दूसरी तरफ, वर्तमान में पुलिस लाइन में पदस्थ और उस समय धरनावदा थाने की कमान संभाल रहे राजेंद्र सिंह चौहान (तत्कालीन उप निरीक्षक) को भी इसी पुरस्कार के वास्ते चयनित किया गया है। उन्हें यह सम्मान जुलाई 2024 के दौरान एक बड़ी रिकवरी को अंजाम देने के लिए मिल रहा है, जब पुलिस ने पारदी गिरोह द्वारा छिपाए गए चांदी के भारी जखीरे को बरामद किया था।

मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी राजेंद्र चौहान ने राघौगढ़ एसडीओपी दीपा डोडवे के साथ बीलाखेड़ी गांव में दबिश दी थी। सगुन बाई पारदी के खेत में जमीन के नीचे दबाकर रखी गई चांदी की पोटलियों को खुदवाकर बाहर निकाला गया था, जिनका वजन करीब 54 किलोग्राम और अनुमानित मूल्य 53 लाख रुपए था। यह जेवर राजस्थान के झालावाड़ से चुराए गए थे। उल्लेखनीय है कि राजेंद्र चौहान को इससे पहले वर्ष 2023 में भी इसी पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।