दतिया में आयोजित जिला लोक अदालत में शनिवार को एक ऐसा अनूठा मामला सामने आया जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। सड़क दुर्घटना से जुड़े एक क्लेम केस में दोनों पक्षों ने आपसी रजामंदी दिखाते हुए केवल एक रुपए में समझौता कर लिया। न्यायिक इतिहास में इसे अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है।

क्या था पूरा सड़क हादसे का मामला

यह पूरा घटनाक्रम 14 नवंबर 2023 का है। शहर के रिछरा तिराहे के पास राजू कुशवाहा और अरविंद पाल की मोटरसाइकिलें आपस में जोरदार तरीके से भिड़ गईं थीं। इस सड़क दुर्घटना में अरविंद पाल की मौत हो गई थी, वहीं दूसरी बाइक पर सवार राजू कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गया था।

हादसे के बाद घायल राजू कुशवाहा ने मृतक अरविंद पाल की पत्नी पूजा पाल के खिलाफ मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में क्लेम याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई शनिवार को लोक अदालत के दौरान की गई।

न्यायाधीशों की समझाइश से बना आपसी समझौता

शनिवार शाम को आयोजित हुई इस विशेष अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्र और अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की न्यायाधीश सविता जड़िया की उपस्थिति रही। दोनों पीठासीन अधिकारियों ने पक्षों को आमने-सामने बिठाकर उचित समझाइश दी।

न्यायालय की समझाइश और दोनों पक्षों की आपसी रजामंदी के बाद यह तय हुआ कि इस मामले को आगे खींचने के बजाय सौहार्दपूर्ण तरीके से समाप्त किया जाए। इसके बाद महज एक रुपए की टोकन राशि पर दोनों पक्षों ने राजीनामा पत्र पर सहमति जता दी।

लोक अदालत में अन्य मामलों का भी हुआ निपटारा

इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जिला मुख्यालय और तहसील स्तर पर कुल 20 खंडपीठों का गठन किया गया था। इन बेंचों के माध्यम से कुल 931 लंबित मामलों और 122 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया।

न्यायालयीन आंकड़ों के अनुसार, मोटर दुर्घटना क्लेम से जुड़े 26 मामलों में कुल 2.14 करोड़ रुपए से अधिक की राशि पर समझौते तय हुए। इसके अलावा, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत आने वाले 90 मामलों में भी 2.52 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि के आपसी समझौते कराए गए।