दतिया में यूजीसी कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला तेज हो गया है। इसी क्रम में शनिवार की रात शहर के सर्व समाज के लोगों और युवाओं ने एकजुट होकर एक मशाल मार्च निकाला और इस कानून के प्रति अपना कड़ा रोष व्यक्त किया।

किला चौक से टाउन हॉल तक निकला मार्च

यह विरोध मार्च शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल किला चौक से आरंभ हुआ। यहां से प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए तिगेलिया पहुंचे और फिर टाउन हॉल तक मार्च किया। इसके पश्चात जुलूस वापस किला चौक लौटा, जहां इसका समापन किया गया।

मार्च के दौरान युवाओं और स्थानीय नागरिकों में यूजीसी कानून को लेकर भारी गुस्सा देखा गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने ‘यूजीसी कानून वापस लो’ और ‘हमारी मांगें पूरी करो’ के नारे लगाकर पूरे इलाके को गुंजायमान कर दिया।

दिल्ली तक आंदोलन ले जाने की दी चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया, तो यह विरोध प्रदर्शन केवल दतिया तक ही सीमित नहीं रहेगा। जरूरत पड़ने पर वे राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर तक अपनी आवाज उठाएंगे और सड़कों पर उतरकर चक्काजाम जैसे बड़े कदम भी उठाएंगे।

इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं ने मोमबत्तियां जलाकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी एकजुटता का परिचय दिया। आयोजकों का कहना था कि यह संघर्ष किसी एक खास वर्ग का नहीं है, बल्कि यह सभी के अधिकारों की रक्षा से जुड़ा हुआ मामला है, इसलिए समाज के हर तबके को इसमें आगे आना चाहिए।

रिंकू बुंदेला ने स्पष्ट किया कि यह मशाल और कैंडल मार्च इस बड़े आंदोलन की महज एक शुरुआत है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध के स्वर यूं ही गूंजते रहेंगे।