दतिया क्षेत्र में इन दिनों संतों के बीच बयानों का दौर गरमाया हुआ है। इसी क्रम में पंडोखर सरकार के नाम से विख्यात गुरुशरण महाराज ने एक तीखा भाषण दिया, जिसमें उन्होंने साथी कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर जमकर निशाना साधा।

परिवार और भाई को लेकर साधा निशाना

अपने 13 सितंबर को दिए गए संबोधन में गुरुशरण महाराज ने बिना सीधे नाम लिए तीखी टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने भाई और पिता को नहीं सुधार पाया तथा जिनके परिवार के लोग जेल की हवा खा चुके हैं, वे जनता को कितना गुमराह करेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह लोगों को कब तक ब्लैकमेल किया जाता रहेगा।

विद्या के दम पर काम करने का दावा

गुरुशरण महाराज ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वे किसी के सामने हाथ नहीं फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि वे विद्या के बल पर अपनी बात रखते हैं और किसी भी टीवी चैनल पर कटोरा लेकर या रोते-गाते नजर नहीं आएंगे।

पंडोखर धाम के यज्ञ में दी खुली चुनौती

विवादित बयानों के बीच उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को खुली चुनौती भी दी। महाराज ने कहा कि पंडोखर धाम में आयोजित होने वाले यज्ञ के लिए तिथि तय कर दी गई है। यदि उनमें हिम्मत है तो वे आएं और पांच में से चार सवालों के सटीक जवाब लिखकर दिखाएं। उन्होंने दावा किया कि संन्यासी बाबा का हवाला देने वाले भी इन सवालों के जवाब नहीं दे पाएंगे।

कौन हैं गुरुशरण महाराज

गौरतलब है कि गुरुशरण महाराज को पंडोखर सरकार के रूप में भी पहचाना जाता है। वे वर्ष 1999 से पंडोखर धाम में दरबार का संचालन कर रहे हैं, जहां देश के साथ-साथ विदेशों से भी भक्त अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। वे बिना पूछे भक्तों के नाम और समस्याएं पर्ची पर लिखने के दावों के साथ-साथ अपने बयानों और अन्य कथावाचकों को दी जाने वाली चुनौतियों के कारण अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं।