शहर में बारह अलग-अलग जगहों पर हुई सख्त नाकाबंदी
दतिया शहर और उसके आसपास के प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस ने रविवार की देर रात अचानक वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत शहर को कई सेक्टरों में बांटकर बारह अलग-अलग स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। ग्वालियर-झांसी हाईवे ब्रिज के नीचे, झांसी बाईपास और असनई मार्ग जैसे मुख्य रास्तों पर आने-जाने वाले हर वाहन को रोककर उसके दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई।
इसके अलावा भीतरूनी इलाकों में भी चौकसी बरती गई। राजगढ़ चौराहा, सीता सागर के सामने, लाला का तालाब और किला चौक पर तैनात पुलिस टीमों ने लगातार वाहनों की पड़ताल की। ठंडी सड़क, राजघाट तिराहा, सेंवढ़ा चुंगी, भांडेर रोड भेड़पुरा और उनाव रोड पर भी स्थानीय थाना प्रभारियों ने खुद मोर्चा संभाला हुआ था। संदिग्ध दिखने वाले वाहनों को रोककर उनके कागजात और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की पड़ताल की जा रही थी।
माफी और फोन पर सिफारिशें रहीं पूरी तरह बेअसर
चेकिंग के दौरान कई वाहन चालकों ने पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए तमाम तरह के बहाने बनाए। एक युवक ने हाथ जोड़कर पुलिसकर्मी से विनती की कि उसके पिता ने उसे केवल सामान लेने भेजा था और उसे चेकिंग की जानकारी नहीं थी। उसने पहली गलती मानकर चालान न काटने की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने नियमों के तहत अपनी कार्रवाई जारी रखी।
मौके पर मौजूद कुछ चालकों ने पकड़े जाने पर अपने मोबाइल निकालकर किसी परिचित या प्रभावशाली व्यक्ति से बात कराने का भी प्रयास किया। उन्हें उम्मीद थी कि फोन पर सिफारिश आने से उन्हें छोड़ दिया जाएगा, लेकिन ट्रैफिक प्रभारी और अन्य अधिकारियों ने किसी की भी सिफारिश नहीं मानी और दस्तावेजों में कमी मिलने पर चालान काटने की कार्रवाई की।
व्यवसायिक वाहन रहे विशेष निशाने पर, सौ से अधिक चालान
इस पूरी रात चली कार्रवाई में सबसे अधिक फोकस व्यवसायिक वाहनों पर रखा गया। सामान ढोने और परिवहन कार्य में लगे वाहनों के कागजात गहराई से परखे गए। दस्तावेजों में खामियां मिलने पर मौके पर ही चालान बनाए गए। पुलिस की इस अचानक सख्त कार्रवाई को देखकर कई वाहन चालकों ने दूर से ही अपने रास्ते बदल लिए और चेकिंग प्वाइंट्स से पहले ही वाहन रोककर अभियान के थमने का इंतजार करना ही मुनासिब समझा।
रातभर चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसते हुए कुल एक सौ से अधिक चालान काटे। पुलिस अधिकारियों का साफ तौर पर कहना था कि इस प्रकार की आकस्मिक जांच का मुख्य उद्देश्य नियमों की अनदेखी करने वालों पर लगाम लगाना है, जो आगे भी जारी रहेगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!