भिंड जिले में त्योहारी सीजन के बाद भी मिलावटखोरों और खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती बनी हुई है। इसी क्रम में सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रौन कस्बे का औचक निरीक्षण किया और कई प्रतिष्ठानों से खाने-पीने की चीजों के नमूने एकत्र किए।
एक महीने से लगातार चल रहा है जांच अभियान
जिलेभर में पिछले लगभग एक महीने से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत मिठाई, किराना और अन्य खाद्य सामग्री की दुकानों की लगातार जांच की जा रही है, ताकि आम जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
मावा और मिश्रित दूध के लिए गए सैंपल
रौन कस्बे में कार्रवाई के दौरान फूड सेफ्टी अधिकारी किरण सेंगर और उनकी टीम ने कुशवाह मिठान भंडार के संचालक संतराम कुशवाह की दुकान से मावा का सैंपल भरा। इसके अतिरिक्त नरेंद्र सिंह बघेल के मिल्क वाहन से भी मिश्रित दूध का नमूना जांच के लिए लिया गया।
दुकानें बंद कर भागे संचालक, चस्पा हुए नोटिस
जांच टीम को देखकर कई दुकानदारों में खलबली मच गई। भूरेलाल बघेल मिठान भंडार, विनायक डेयरी और दो अन्य नाश्ते की दुकानें निरीक्षण के समय बंद पाई गईं। अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान प्रतिष्ठान बंद कर भागने के कारण इन सभी जगहों पर अगली जांच तक खाद्य सामग्री की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है।
प्रशासन ने इन सभी बंद दुकानों के बाहर नोटिस भी चस्पा कर दिए हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई से कस्बे के अन्य कारोबारियों में भी हड़कंप की स्थिति रही। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावट रोकने और मानकों का पालन कराने के लिए भविष्य में भी ऐसी औचक जांच जारी रखी जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!