ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले में वन विभाग के भीतर चल रहे प्रशासनिक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला वन मंडल के एसडीओ रामकुमार से जुड़ा हुआ है, जिन पर शासकीय सेवा रिकॉर्ड में अपनी संतानों की संख्या को लेकर तथ्यों को छिपाने के आरोप लगे हैं।
शिकायतकर्ता ने लगाए पांच संतान होने के गंभीर आरोप
अनिल कुमार नामक शिकायतकर्ता ने मुख्य वन संरक्षक ग्वालियर और भिंड वन मंडल अधिकारी को इस संबंध में लिखित शिकायत सौंपी है। आवेदन में दावा किया गया है कि एसडीओ रामकुमार के पास कुल पांच संतानें हैं, जबकि उनके सरकारी सेवा रिकॉर्ड में केवल एक बेटी का ही विवरण दर्ज किया गया है। इसके विपरीत, समग्र परिवार आईडी में दो अन्य पुत्रियों के नाम भी दर्ज होने की बात सामने आई है।
दस्तावेजों में दर्ज विवरण और नियमों का हवाला
शिकायत में बताया गया है कि रामकुमार के शासकीय रिकॉर्ड में शिवांगी अरोलिया नाम की बेटी दर्ज है, जिसकी जन्मतिथि 17 सितंबर 2000 अंकित है। वहीं, समग्र परिवार आईडी क्रमांक 50939813 में हिमांशी अरोलिया और वान्या अरोलिया के नाम दर्ज होने का दावा किया गया है। इसके अलावा दो अन्य बच्चों के होने की बात भी कही गई है।
शिकायतकर्ता ने वर्ष 2009 में वनक्षेत्रपाल पद पर हुई नियुक्ति का जिक्र करते हुए कहा है कि चयन के समय ही वास्तविक जानकारी को छुपाया गया था। आवेदन में मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के प्रावधानों का हवाला दिया गया है, जिसके तहत दो से अधिक जीवित संतान होने और उनमें से एक का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद होने पर पात्रता प्रभावित होती है।
एसडीओ का पक्ष आया सामने
जब इस पूरे मामले को लेकर एसडीओ रामकुमार से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने शिकायत दर्ज होने की बात स्वीकार की। हालांकि, संतानों की वास्तविक संख्या और रिकॉर्ड में अंतर से जुड़े सवालों पर उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से मना कर दिया।
रामकुमार ने कहा कि वे इस तरह की निजी जानकारियां मीडिया के सामने साझा नहीं कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया इस मामले पर स्वतंत्र रूप से अपनी खबरें प्रकाशित करने के लिए स्वतंत्र है। विभाग स्तर पर दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!