अशोकनगर जिले के विभिन्न पुलिस थानों में लंबे समय से जमा पुराने और अनुपयोगी शासकीय दस्तावेजों को नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों और पुलिस रेगुलेशन के पैरा 970 के प्रावधानों के तहत अमल में लाई जा रही है।

तीन थानों में शुरू हुई दस्तावेजों की छंटनी

इस अभियान के शुरुआती चरण के तहत शाढ़ौरा, चंदेरी और मुंगावली थानों में रखे पुराने अभिलेखों का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने अशोकनगर, चंदेरी और मुंगावली अनुभागों के लिए संबंधित एसडीओपी की अध्यक्षता में विशेष कमेटियों का गठन किया है।

गठित की गई ये कमेटियां थाना प्रभारियों के साथ मिलकर दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। इस दौरान जो रिकॉर्ड बेहद आवश्यक और महत्वपूर्ण हैं, उन्हें सुरक्षित रखा जा रहा है, जबकि निर्धारित समयावधि पूरी कर चुके अनुपयोगी दस्तावेजों को तय नियमों के अनुसार हटाया जा रहा है।

रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित करने का उद्देश्य

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मुहिम का मुख्य मकसद केवल पुराने कागजों को ठिकाना लगाना नहीं है, बल्कि थानों के रिकॉर्ड रूम को पूरी तरह व्यवस्थित करना है। इससे जरूरी फाइलों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए पर्याप्त जगह मिल सकेगी और भविष्य में दस्तावेज ढूंढने में आसानी होगी।

दस्तावेजों के प्रबंधन में आधुनिक तकनीक का भी पूरा इस्तेमाल किया जा रहा है। सीसीटीएनएस और अन्य डिजिटल प्रणालियों के जरिए जरूरी रिकॉर्ड को ऑनलाइन और व्यवस्थित रूप से संधारित किया जा रहा है, जिससे थाना परिसरों में साफ-सफाई और सुव्यवस्था बनी रहे।

अन्य थानों में भी चरणबद्ध तरीके से होगी कार्रवाई

जिले के बाकी पुलिस थानों में भी आने वाले दिनों में इसी तरह चरणबद्ध तरीके से पुराने दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जो रिकॉर्ड नियमों के दायरे में आते हैं और जिनका निस्तारण किया जाना है, उन्हें तय प्रक्रिया के तहत हटाया जाएगा।

यह पूरी प्रशासनिक कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रही है। साथ ही, इसमें एसडीओपी अशोकनगर विवेक शर्मा, एसडीओपी चंदेरी महेश शर्मा और एसडीओपी मुंगावली सनम बी. खान अपनी-अपनी टीमों के साथ लगातार पर्यवेक्षण कर रहे हैं।