स्थानीय स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा और जेएनयू के चर्चित मामले को लेकर राजनीति गरमा गई है। सोमवार की शाम शिवपुरी के व्यस्त माधव चौक पर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर बिमोल अकोइजम के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए पुतला दहन किया गया।
कांग्रेस नेतृत्व पर खड़े किए गंभीर सवाल
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शैलजा लवंगीकर ने मीडिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और उनकी सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों पर किसी भी तरह की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
जेएनयू से बर्खास्तगी के बाद दर्ज हुई है एफआईआर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की 11 छात्राओं ने बिमोल अकोइजम पर गंभीर यौन उत्पीड़न और अवांछित आचरण के आरोप लगाए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की आंतरिक शिकायत समिति द्वारा की गई जांच के आधार पर उन्हें 9 अक्टूबर 2026 को प्रोफेसर के पद से बर्खास्त कर दिया गया था।
इसके अगले ही दिन यानी 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली। हालांकि दूसरी ओर, आरोपी प्रोफेसर बिमोल अकोइजम ने अपने ऊपर लगे تمام आरोपों को सिरे से खारिज किया है और विश्वविद्यालय की पूरी जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवालिया निशान लगाए हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!