मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र पर चौबीस घंटे डॉक्टर की मांग

शिवपुरी जिले के मनपुरा गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चौबीस घंटे डॉक्टर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर दिनेश सगर का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा। वे खुले आसमान के नीचे बिना अन्न और जल के बैठे हुए हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में उनकी सेहत को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है।

अनशन के छह दिन पूरे होने पर दिनेश सगर ने जानकारी दी कि इस अवधि के दौरान उनका वजन 5 किलो 400 ग्राम से अधिक घट गया है। साथ ही उनका शुगर स्तर भी काफी नीचे गिर गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक मनपुरा अस्पताल में चौबीस घंटे चिकित्सीय सेवाएं बहाल नहीं की जातीं, उनका यह अनशन समाप्त नहीं होगा।

ग्रामीणों का मिल रहा समर्थन और पिछोर का पुराना मामला

दिनेश के इस धरने और भूख हड़ताल को क्षेत्र के ग्रामीणों का पूरा समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण अनशन स्थल पर पहुंचकर उनका साथ दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं न होने के कारण गंभीर स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए अन्य दूरदराज के स्थानों पर भटकना पड़ता है।

बता दें कि दिनेश सगर इससे पहले बीते 21 अगस्त को भी सुर्खियों में आए थे। पिछोर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक परिवर्तन यात्रा की अनुमति न मिलने से नाराज होकर वे हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। पूरी रात टंकी पर बिताने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद ही वे नीचे उतरे थे।

स्वास्थ्य विभाग का पक्ष और वैकल्पिक व्यवस्था

इस पूरे मामले पर जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल कोई डॉक्टर स्थाई रूप से पदस्थ नहीं है। हालांकि व्यवस्था बनाए रखने के लिए खोड़ और पिछोर स्वास्थ्य केंद्रों से दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, जो मनपुरा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

विभाग के अनुसार, इससे पहले मनपुरा में जिन दो डॉक्टरों की नियुक्ति की गई थी, उन्होंने कार्यभार नहीं संभाला था। नियमित डॉक्टर की पदस्थापना के लिए उच्च स्तर पर पत्र लिखा जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत फिलहाल मनपुरा केंद्र में मरीजों के लिए चिकित्सीय सेवाएं सुचारू रूप से चलाई जा रही हैं।