शिवपुरी जिले के खनियाधाना कस्बे में बुधवार को पुराना बस स्टैंड क्षेत्र अखाड़े में तब्दील हो गया। पुरानी रंजिश के कारण उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके चलते मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हंगामे और गोलीबारी की घटना में एक व्यक्ति के पैर में गोली के छर्रे लगने की बात सामने आई है।

कांग्रेस नेता और नगर परिषद अध्यक्ष पति ने लगाए गंभीर आरोप

इस मामले में पहला पक्ष नगर परिषद अध्यक्ष छाया साहू के पति एवं कांग्रेस नेता सतेंद्र साहू का है। सतेंद्र ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे बुधवार को बस स्टैंड स्थित अपनी दुकान से स्कूटी पर सवार होकर दूसरी दुकान की ओर जा रहे थे। रास्ते में राजेंद्र सिंह यादव के घर के पास अनिल यादव अपने तीन-चार साथियों के साथ स्कॉर्पियो गाड़ी के पास मौजूद था।

सतेंद्र साहू का आरोप है कि अनिल यादव ने उन्हें रोककर अभ्रदता की और जान से मारने की नीयत से उन पर कट्टे से फायर झोंक दिया, जिससे वे बाल-बाल बच गए। इसके बाद जब उन्होंने आरोपी को पकड़ना चाहा, तो अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। सतेंद्र ने अपने कंधे और गर्दन के पीछे चोट आने की बात कही है, जिसके आधार पर पुलिस ने अनिल यादव और अन्य अज्ञात लोगों पर प्रकरण दर्ज किया है।

दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने सतेंद्र साहू पर लगाया फायरिंग का इल्जाम

घटना का दूसरा पहलू एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के पिता द्वारा सामने रखा गया है। शिकायकर्ता के अनुसार, वर्ष 2025 में उसकी 17 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था, जिसमें विवेक यादव और जितेंद्र चंदेल पर मामला दर्ज हुआ था। उसका आरोप है कि उसने बयानों में सतेंद्र साहू का नाम भी लिया था, लेकिन राजनीतिक रसूख के कारण उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया और लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा था।

पीड़ित पिता का कहना है कि बुधवार को वह अपनी पत्नी के साथ बस स्टैंड पर था। उसी वक्त सतेंद्र साहू वहां स्कूटी से पहुंचे और उनके साथ बल्लू यादव, जितेंद्र बरार तथा ढालू यादव भी मौजूद थे। उसने आरोप लगाया कि सतेंद्र साहू ने ही फायरिंग की, जिससे उसके पैर में गोली के छर्रे लगे। हालांकि, पुलिस द्वारा दर्ज की गई दूसरी एफआईआर में फिलहाल हमलावर को अज्ञात बताया गया है।

पुलिस ने दर्ज किए दोनों मामले, गहराई से हो रही तफ्तीश

खनियाधाना थाना क्षेत्र में घटी इस दोहरी वारदात के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने क्रॉस केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि गोली किसने चलाई और इस खूनी संघर्ष की असली वजह क्या थी, इसका खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा।