स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस ने शहर में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मोबाइल स्नैचर्स के गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को धर दबोचा है और उसके साथ एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया है।

चंद दिनों में की गईं तीन बड़ी वारदातें

कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि पहली घटना 31 अगस्त को सामने आई थी। पोहरी के बीलवराकला निवासी अरुण वर्मा मनियर टोल टैक्स के समीप खड़े थे, तभी स्कूटी सवार दो बदमाश उनका एप्पल ब्रांड का मोबाइल झपटकर भाग निकले।

इसके बाद दूसरी वारदात 12 सितंबर को खंडेलवाल फैक्ट्री के पास हुई, जहां अभिषेक ओझा का वीवो मोबाइल स्कूटी सवारों ने छीन लिया। सिलसिला यहीं नहीं थमा और 18 सितंबर को इसी बाईपास रोड से गुजर रहे शाहरुख खान का ओप्पो मोबाइल भी इसी तरह बदमाशों ने निशाना बनाया।

सीसीटीवी फुटेज से खुला बदमाशों का राज

लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद पुलिस हरकत में आई और टीआई रोहित दुबे के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस दल ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद लेते हुए शहर के लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिससे आरोपियों के भागने के रूट और कार्यप्रणाली का पता चला।

जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने 20 सितंबर को स्थानीय रेलवे स्टेशन के पास से मुख्य आरोपी रिंकू शाक्य को दबोच लिया। आरोपी रिंकू शाक्य पुत्र सुरेश शाक्य, उम्र 22 वर्ष, झींगुरा थाना फिजिकल क्षेत्र का रहने वाला है।

लाखों का मशरूका और स्कूटी बरामद

कड़ाई से पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छीने गए तीनों मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। साथ ही, वारदात में उपयोग की जा रही इलेक्ट्रिक स्कूटी को भी जब्त कर लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद किए गए मोबाइलों और स्कूटी की कुल अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपए है। गिरफ्तार आरोपी के साथ पकड़े गए नाबालिग साथी को लेकर भी पुलिस नियमानुसार विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।