शिवपुरी जिले में मिनी वृंदावन के नाम से प्रसिद्ध कोलारस कस्बे में शनिवार की रात राधाष्टमी का पर्व बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर शहर में पारंपरिक चल समारोह निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु शामिल हुए।
गोपाल जी मंदिर से आरंभ हुआ चल समारोह
यह धार्मिक आयोजन शनिवार शाम करीब छह बजे स्थानीय गोपाल जी मंदिर से शुरू हुआ। मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद भगवान राधा-कृष्ण की मूर्तियों को भव्य विमान में विराजमान किया गया। इसके बाद यह चल समारोह कोलारस बस्ती, रामेश्वरम धाम, जगतपुर तिराहा, एबी रोड, एप्रोच रोड और सदर बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरा।
भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजा पूरा शहर
समारोह के पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब देखने को मिला। बैंड बाजे, शहनाई और डीजे पर बज रही धार्मिक धुनों के साथ युवा और अन्य भक्त भक्ति में सराबोर होकर नाचते-झूमते नजर आए। पूरे मार्ग में राधा-कृष्ण के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। आयोजन के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए जलपान और ठंडे पेय पदार्थों की भी व्यवस्था की गई थी।
आधी रात तक चली रस्में और बंटा प्रसाद
करीब छह घंटे तक शहर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करने के पश्चात यह चल समारोह रात्रि लगभग बारह बजे वापस गोपाल जी मंदिर पहुंचा। यहां रात्रि के समय भगवान राधा-कृष्ण की विशेष पूजा और आरती संपन्न हुई, जिसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
कोलारस में राधाष्टमी का यह पर्व मनाने की परंपरा काफी पुरानी है। इस आयोजन की सफलता के लिए समिति द्वारा करीब एक महीने पहले से ही तैयारियां आरंभ कर दी जाती हैं। पर्व के दौरान मंदिरों और पूरे मार्ग को आकर्षक फूलों व रोशनी से सजाया जाता है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में ब्रज जैसा आध्यात्मिक माहौल बन जाता है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!