शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों और स्थानीय विधायक रमेश प्रसाद खटीक के बीच हुई तीखी बातचीत का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है, जो कथित तौर पर रात के वक्त मंगरौनी स्थित विधायक के आवास पर बनाया गया था।
पेयजल संकट और पंचायत द्वारा राशि जमा करने के बावजूद कटा कनेक्शन
बिलौनी गांव के सरपंच बालकिशन जाटव के नेतृत्व में ग्रामीण रात के समय विधायक के घर पहुंचे थे। ग्रामीणों का मुख्य दर्द यह था कि बिजली आपूर्ति ठप रहने से गांव में पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया था। सरपंच के मुताबिक, पंचायत की तरफ से बिजली कंपनी के खाते में करीब पचास हजार रुपए जमा कराए जा चुके थे, फिर भी गांव का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था।
देर रात विधायक के आवास पर बढ़ी गर्मागर्मी और बहस
अचानक रात के वक्त बड़ी संख्या में ग्रामीणों को अपने घर पर देखकर विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने नाराजगी व्यक्त की। बिजली कनेक्शन बहाली के मुद्दे पर चर्चा शुरू होते ही दोनों पक्षों के बीच बहस छिड़ गई। वायरल फुटेज में विधायक ग्रामीण से पूछताछ करते और तल्ख तेवर दिखाते नजर आ रहे हैं, जबकि इस पूरे घटनाक्रम को किसी व्यक्ति द्वारा कैमरे में कैद किया जा रहा था।
फोन पर जेई से चर्चा के बाद रात में ही बहाल हुई बिजली
विवाद और हंगामे के बीच सरपंच बालकिशन जाटव ने बताया कि स्थिति को समझते हुए विधायक ने बिजली विभाग के जेई से फोन पर संपर्क साधा। इसके बाद तुरंत रात के समय ही गांव का बिजली कनेक्शन पुनः जोड़ दिया गया। विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने भी पुष्टि की कि उन्होंने बिलौनी की इस समस्या के समाधान के लिए बिजली अधिकारी से बात की थी।
विधायक का आरोप- कुछ लोग नशे में थे और रची गई राजनीतिक साजिश
विधायक ने अपने घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों का हवाला देते हुए कहा कि पूरी घटना कैमरों में कैद हो चुकी है और उन्होंने चौकी प्रभारी को बुलाकर फुटेज निकलवाने की बात कही है। उनका दावा है कि रात में आए ग्रामीणों में कुछ लोग शराब के नशे की हालत में थे और कुछ लोग किसी राजनीतिक षड्यंत्र के तहत उनके निवास तक पहुंचे थे, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!