शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गजौरा गांव में जमीन के मालिकाना हक को लेकर उपजा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पुरानी गल्ला मंडी निवासी नरेंद्र कुमार गुप्ता का आरोप है कि जब वे अपनी कानूनी रूप से जीती हुई जमीन पर निर्माण कार्य करवा रहे थे, तब दूसरे पक्ष के लोगों ने वहां पहुंचकर हमला बोल दिया। इस घटना में हमलावरों ने बेरहमी की सभी हदें पार करते हुए मारपीट के साथ-साथ आग लगाने का भी प्रयास किया।

एसडीएम कोर्ट से पक्ष में फैसला आने के बाद शुरू हुआ था निर्माण

पीड़ित नरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि मजरा देवीपुरा, गजौरा गांव में उनकी जमीन स्थित है। इस भूमि को लेकर मोहन भट्ट के साथ उनका विवाद चल रहा था, जो कि एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन था। नरेंद्र के अनुसार, अदालत से पहले उन्हें स्थगन आदेश मिला था और बाद में अंतिम फैसला भी उनके पक्ष में आया था। इसी कानूनी अधिकार के तहत वे अपने पिता मोहनलाल गुप्ता, संजीव गुप्ता और अरविंद गुप्ता के साथ दोपहर के समय जमीन पर निर्माण कार्य कराने पहुंचे थे।

लाठी, सरिए और सब्बल लेकर पहुंचे हमलावर

शिकायत में बताया गया कि दोपहर के घटनाक्रम के बाद शाम करीब चार बजे मोहन भट्ट, दीपक भट्ट, शिवम भट्ट, अशोक भट्ट, राजू भट्ट, शिवम गुप्ता सहित आठ से दस अन्य लोग हथियारों से लैस होकर मौके पर आ धमके। उनके पास लाठी-डंडे, लोहे के सरिए और सब्बल मौजूद थे। आरोप है कि आते ही दीपक भट्ट ने नरेंद्र के सिर के पिछले हिस्से पर सरिए से जोरदार वार किया और नाक पर घूंसा मारकर उन्हें नीचे गिरा दिया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उन पर पेट्रोल छिड़ककर जान से मारने की नीच कोशिश की।

बचाने आए परिजनों को भी पीटा, सीसीटीवी का डीवीआर ले गए

जब संजीव गुप्ता बीच-बचाव करने पहुंचे, तो हमलावरों ने उनके सिर पर भी सरिए से हमला कर दिया और दोनों को लात-घूंसों से पीटा। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि मौके पर बने गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी वारदात कैद हो गई थी। मारपीट की घटना को अंजाम देने के बाद शिवम भट्ट वहां से कैमरों की रिकॉर्डिंग वाला डीवीआर भी अपने साथ उखाड़कर ले गया।

इस सनसनीखेज मामले में पिछोर थाने की पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर नामजद आरोपियों और अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। स्थानीय पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है।