शिवपुरी जिले में गणेश चतुर्थी के पावन पर्व को लेकर धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने स्थानीय प्रशासन से विशेष कदम उठाने की मांग की है। राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के बैनਰ तले कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें शहर भर में मांस और मटन की दुकानों को आगामी उत्सव के दौरान बंद रखने का आग्रह किया गया है।
12 दिनों तक दुकानें बंद रखने की उठाई मांग
संगठन की ओर से प्रशासन के सामने यह प्रस्ताव रखा गया है कि गणेश चतुर्थी से जुड़े आगामी 12 दिनों की अवधि के दौरान शहर में मांस-मटन की बिक्री पर रोक लगाई जाए। उनका तर्क है कि इस अवधि में शहर का धार्मिक माहौल और पवित्रता बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गणेशोत्सव के इन विशेष दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश की आराधना करते हैं और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
आस्था और स्वच्छता को बताया मुख्य आधार
संगठन का स्पष्ट करना है कि यह ज्ञापन किसी भी व्यक्ति या समुदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं दिया गया है। इसे पूरी तरह से आम जनमानस की धार्मिक आस्था, क्षेत्र की साफ-सफाई और शिवपुरी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
गणेश उत्सव के दौरान शहर में श्रद्धालुओं की भावनाओं का पूरा सम्मान होना चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ हमने प्रशासन से आवश्यक आदेश जारी करने की अपील की है।
ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की गई है कि प्रशासन इस आदेश का सख्ती से पालन करवाए और इसके लिए निगरानी की पुख्ता व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि त्योहारी सीजन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नगर पालिका और प्रशासन से उचित प्रबंध की अपील
मांस की दुकानें बंद रखने के अलावा, संगठन ने नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन से यह भी अपेक्षा की है कि वे गणेशोत्सव के दौरान शहर में समुचित साफ-सफाई और अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। पदाधिकारियों का मानना है कि त्योहारी दिनों में शहर में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन को चाक-चौबंद इंतजाम करने चाहिए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!