ग्वालियर में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी रणनीति के तहत शनिवार को ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं में भरा जोश

इस सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और राज्यसभा सांसद अशोक सिंह समेत कई प्रमुख नेता तथा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में पूरी ताकत से उतरने का आह्वान किया।

जय विलास पैलेस के बिजली बिल को लेकर उठे सवाल

संबोधन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की विद्युत व्यवस्था और आम जनता पर बढ़ रहे वित्तीय बोझ पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आम गरीब परिवारों को हजारों रुपए के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिन्हें भरने में जनता बेबस हो रही है। इसी कड़ी में उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आवास जय विलास पैलेस का जिक्र करते हुए पूछा कि सैकड़ों कैमरों से लैस इस भव्य महल का बिजली बिल आखिर क्यों नहीं आ रहा है?

इस मुद्दे पर हमलावर होते हुए पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भी तंज कसा और कहा कि यदि सिंधिया अपने महल का बिजली बिल नहीं चुका पा रहे हैं, तो कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में चंदा एकत्र करके उनका बिल भर देंगे।

गद्दार नेताओं की पार्टी में वापसी पर पूरी तरह रोक

सम्मेलन के दौरान पार्टी में चल रहे घर वापसी अभियान पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि जो लोग आज भी कांग्रेस की मूल विचारधारा के प्रति समर्पित हैं, स्थानीय जिलाध्यक्ष की संस्तुति के बाद उनकी पार्टी में वापसी कराई जा रही है।

उन्होंने दो टूक शब्दों में यह भी साफ किया कि जिन नेताओं ने षड्यंत्र रचकर कमलनाथ के नेतृत्व वाली चुनी हुई सरकार को गिराया था और पार्टी से नाता तोड़ लिया था, उनके लिए कांग्रेस के दरवाजे न तो पहले खुले थे और न ही भविष्य में कभी खोले जाएंगे।