शिवपुरी की जिला अदालत ने पूर्व डीएसपी पर हुए जानलेवा हमले के एक चर्चित मामले में सोमवार को अपना अहम फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र शर्मा की अदालत ने इस मामले में संलिप्त पाए गए छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ा दंड दिया है।
एक ही परिवार के सदस्य और पूर्व पार्षद शामिल
अदालत के इस फैसले के दायरे में आने वाले दोषियों में एक ही परिवार के पांच लोग और एक स्थानीय पूर्व पार्षद भी शामिल हैं। सजा तय होने के बाद इनमें से पांच दोषियों को तुरंत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया, जबकि इस प्रकरण में अनूप चौहान के फरार होने की बात सामने आई है।
पैर छूकर मारी थी गोली
अभियोजन से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना 5 दिसंबर 2020 की है, जब पूर्व डीएसपी सुरेश सिंह सिकरवार महाराणा प्रताप कॉलोनी स्थित अपने आवास पर मौजूद थे। उसी समय आरोपी सौरभ चौहान वहां आया और उसने पहले पूर्व डीएसपी के पैर छुए तथा इसके तुरंत बाद कट्टे से गोली चला दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
इस वारदात के बाद पुलिस हरकत में आई और उसने मामले की गहराई से छानबीन शुरू की। पुलिस ने अपनी जांच के आधार पर सौरभ चौहान के साथ-साथ उसके भाई अमन चौहान, चाचा प्रदीप चौहान व शैलेन्द्र चौहान, पिता अनूप चौहान और पूर्व पार्षद अनिल बघेल को आरोपी बनाया था।
अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों पर हुआ फैसला
पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील शिवनारायण वर्मा ने मजबूत पैरवी की।
दोनो पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायाधीश ने छह,ो आरोपियों को दोषी ठहराया। न्यायालय ने सभी को दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर बारह हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!