शिवपुरी शहर के प्रमुख महाराणा प्रताप चौक पर शुक्रवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बैनर तले एक धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी की वर्तमान नीतियों और पाठ्यक्रम के स्वरूप का विरोध करना था।

इतिहास के पाठ्यक्रम में पूर्वाग्रह का आरोप

धरने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान इतिहास के पाठ्यक्रमों में क्षत्रिय समाज के गौरवशाली इतिहास, उनकी विरासत और प्रमुख ऐतिहासिक नायकों को वह उचित स्थान नहीं मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं।

गांधी जयंती पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष रविन्द्र सिंह सेंगर ने इस मौके पर जानकारी दी कि महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर यह विरोध पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतिहास लेखन में किसी भी समाज के साथ भेदभावपूर्ण रवैया नहीं अपनाया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के समक्ष यह मांग रखी कि अकादमिक पाठ्यक्रमों की नए सिरे से समीक्षा की जाए। साथ ही, उन्होंने इतिहास में क्षत्रिय समाज के योगदान को समुचित स्थान देने और समाज विशेष के खिलाफ फैलाए जा रहे कथित दुष्प्रचार को तुरंत रोकने की मांग भी उठाई।

रात को निकाला जाएगा कैंडल मार्च

महासभा के तय कार्यक्रमों के अनुसार, शुक्रवार को रात 8 बजे महाराणा प्रताप चौक से एक कैंडल मार्च भी निकाला जाएगा। आयोजकों ने स्थानीय क्षत्रिय समाज और शहरवासियों से इस मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने का आह्वान किया है।