शिवपुरी जिले के पिछोर-खोड़-शिवपुरी मार्ग पर शनिवार को बड़ा प्रशासनिक गतिरोध देखने को मिला, जहां ग्राम पंचायत बरैला के तीन सौ से अधिक ग्रामीणों ने धाय महादेव चौराहे पर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप था कि उन्हें पिछले तीन महीनों से शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन का वितरण नहीं किया गया है।

अंगूठा लगवाने के बाद भी नहीं मिला राशन

विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि बरैला स्थित राशन दुकान के सेल्समैन दयाशंकर लोधी ने लंबे समय से उन्हें खाद्यान्न नहीं दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले महीने सेल्समैन ने ई-पॉश मशीन पर उनका अंगूठा तो लगवा लिया था और बाद में खाद्यान्न देने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद उनके हिस्से का राशन नहीं मिला।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सेल्समैन द्वारा दुकान में चोरी होने का झूठा बहाना बनाया जा रहा है, जबकि स्थानीय स्तर पर ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक और सत्ताधारी पार्टी के विरुद्ध नारेबाजी भी की।

ग्रामीणों ने रखी तीन प्रमुख मांगें

चक्काजाम के कारण इस व्यस्त मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे स्कूल वैन और एंबुलेंस जैसी जरूरी गाड़ियां भी फंस गईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के समक्ष तीन सूत्रीय मांगें रखीं, जिनमें तीन महीने का बकाया राशन तुरंत दिलवाना, दोषी सेल्समैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे हटाना और राशन दुकान को बरैला पंचायत में ही स्थानांतरित करना शामिल था।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी उल्लेख किया कि उचित मूल्य की यह दुकान उनके गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर मजरा धाय महादेव में संचालित होती है, जिससे उन्हें आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर वे पहले भी क्षेत्रीय विधायक, एसडीएम और खाद्य विभाग के अधिकारियों से गुहार लगा चुके थे।

तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद खुला जाम

घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर किसी तरह यातायात सुचारू कराया और तुरंत राशन वितरण की प्रक्रिया शुरू करवाई। खाद्य निरीक्षक को भी स्थिति पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, दुकान में वास्तव में चोरी हुई है या नहीं और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट खाद्य निरीक्षक की जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।