ग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में बदमाशों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दो अलग-अलग गांवों में महज 10 दिनों के भीतर चोरी की दो बड़ी घटनाएं घटित हुईं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पीड़ितों ने पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट होकर अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया है।

करारखेड़ा गांव में बेटी की शादी के लिए रखी रकम पर हाथ साफ

पहली घटना करारखेड़ा गांव की है, जहां के निवासी अजय राजा चौहान के घर पर चोरों ने धावा बोला। पीड़ित परिवार के मुताबिक 31 अगस्त की रात सभी लोग खाना खाने के बाद सोए थे। अगली सुबह जब करीब साढ़े छह बजे उनकी आंख खुली, तो कमरों के ताले टूटे मिले और अलमारी का लॉकर भी क्षतिग्रस्त था।

अजय चौहान ने बताया कि चोर घर से लगभग 8 लाख रुपए नकद, करीब 30 तोला सोना और एक किलो चांदी के आभूषण चुरा ले गए। खास बात यह है कि यह नकदी और जेवर उन्होंने अपनी बेटी की आगामी शादी के लिए संभालकर रखे थे। घटना के तुरंत बाद एक सितंबर को पिछोर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है।

सेमरी गांव में बक्सा चुराकर ले गए चोर, लाखों का माल गायब

चोरी की दूसरी वारदात सेमरी गांव में हुई, जहां पीड़ित विजय कुमार श्रीवास्तव के घर को निशाना बनाया गया। 21 अगस्त की रात विजय पिछोर स्थित अपने दूसरे मकान पर थे, तभी उनके भांजे पुनीत श्रीवास्तव ने फोन कर उन्हें घर में चोरी होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही वे तुरंत सेमरी गांव पहुंचे।

जांच करने पर पता चला कि घर के अंदर रखा मुख्य बक्सा गायब है। काफी तलाशने के बाद वह बक्सा बसईयां वाली पोर के पास खाली हालत में मिला। अज्ञात चोर कमरे की कुंडी खोलकर अंदर घुसे थे और बक्सा उठाकर ले गए थे। विजय के अनुसार, इस वारदात में 4 लाख 20 हजार रुपए नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर चोरी हुए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपए आंकी गई है।

कार्रवाई न होने पर एसपी दफ्तर पहुंचे पीड़ित परिवार

दोनों ही मामलों में पुलिस द्वारा थानों में मुकदमे तो दर्ज कर लिए गए हैं, परंतु एक पखवाड़ा बीतने को है और चोरों का अब तक कोई अता-पता नहीं चल पाया है। पुलिस की लचर कार्यशैली से त्रस्त होकर दोनों पीड़ित सोमवार को सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।

पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष गुहार लगाई है कि मामलों की गंभीरता से जांच करते हुए जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और उनकी गाढ़ी कमाई का चोरी गया सारा सामान व नकदी बरामद की जाए।