शिवपुरी जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में आम नागरिकों, स्कूल प्रबंधनों और कर्मचारियों ने पहुंचकर अपनी समस्याएं प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखीं। इस दौरान सड़क निर्माण में अनियमितताओं, रास्तों पर अवैध कब्जों और शासकीय योजनाओं के कार्यों को लेकर कई आवेदन दिए गए, जिन पर त्वरित संज्ञान लेने की मांग की गई।
महल कॉलोनी में सड़क की ऊंचाई बढ़ाने पर एतराज
शहर की महल कॉलोनी स्थित विधायक निवास से यूनियन बैंक वाली गली में चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर वार्ड-9 के निवासियों ने कलेक्टर के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई। स्थानीय निवासी राजीव दुबे ने बताया कि पहले से बनी मजबूत आरसीसी सड़क के ऊपर लगभग 8 इंच ऊंची नई सड़क बनाई जा रही है।
रहवासियों ने आशंका जताई है कि सड़क का स्तर ऊंचा होने से उनके मकान नीचे हो जाएंगे तथा जलभराव की स्थिति बनेगी। इसके अलावा सीवर लाइन का कार्य भी अभी अधूरा है। नागरिकों ने मांग की है कि वर्तमान निर्माण कार्य को रोककर पहले सीवर लाइन डाली जाए और उसके बाद ही स्वीकृत योजना के तहत सड़क बनाई जाए।
स्कूल का रास्ता बंद करने और शासकीय मार्गों पर अवैध कब्जे
न्यू दर्पण कॉलोनी स्थित सेंट लुइस पब्लिक स्कूल का रास्ता रोके जाने का मामला भी जनसुनवाई में पहुंचा। स्कूल संचालक मुकुल श्रीवास ने बताया कि कुछ लोगों ने रास्ते पर ईंटों की दीवार खड़ी कर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया है, जिससे सैकड़ों विद्यार्थियों और स्कूल वाहनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्रबंधन ने इस मामले में तत्काल जांच कर रास्ता खुलवाने की गुहार लगाई है।
उधर, करैरा तहसील के ग्राम खिरिया मझरा के ग्रामीण भी अपने मुख्य रास्ते पर हुए अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य मार्ग बंद होने से उनका आना-जाना दूभर हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सात दिवस के भीतर मार्ग से कब्जा नहीं हटाया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
पटवारी संघ ने सौंपा ज्ञापन, व्यक्तिगत दायित्वों से मुक्ति की मांग
जनसुनवाई के दौरान मप्र पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पटवारी भी कलेक्टरेट पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना से जुड़े ई-केवाईसी और व्यक्तिगत दायित्व वाले कार्यों से पटवारी संवर्ग को मुक्त रखने की पुरजोर मांग की।
पटवारियों कातर्क था कि इन कार्यों में व्यक्तिगत निष्पादक बनाए जाने से भविष्य में भूमि की पैमाइश, सीमांकन, नामान्तरण और वारिसानों से जुड़े कानूनी विवादों का अनावश्यक बोझ उन पर आ सकता है। संघ ने सुझाव दिया कि यह कार्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से संचालित किया जाना चाहिए, हालांकि विभाग द्वारा हरसंभव प्रशासनिक सहयोग का भरोसा भी दिलाया गया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!