शिवपुरी शहर के वार्ड-10 के अंतर्गत आने वाली कृष्णपुरम कॉलोनी में शनिवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बिजली कंपनी के कर्मचारी वहां स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि कर्मचारियों ने किसी भी प्रकार की पूर्व सहमति या सूचना के बिना ही पुराने मीटरों को हटाकर उनकी जगह स्मार्ट मीटर लगाने का प्रयास किया।

दस्तावेज और टेस्ट रिपोर्ट मांगने पर शुरू हुआ विवाद

कॉलोनी के लोगों ने जब मीटर बदलने आए अमले से संबंधित आदेश और नए उपकरणों की टेस्ट रिपोर्ट दिखाने को कहा, तो कर्मचारी कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसी दौरान स्थानीय निवासी तुलसी नामदेव की पत्नी वंदना ने अपने घर का मीटर बदलने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।

कनेक्शन काटने और जेल भेजने की धमकी का आरोप

वंदना नामदेव का आरोप है कि मीटर बदलने का विरोध करने पर कर्मचारियों ने न केवल उनका बिजली कनेक्शन काटने की धमकी दी, बल्कि बिजली चोरी का मामला दर्ज कराने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में जेल भिजवाने की चेतावनी भी दी। इस घटना के बाद पूरी कॉलोनी के लोग एकजुट होकर विरोध में उतर आए।

रहवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि जब कॉलोनी में मीटर बदलने का अभियान चलाया जा रहा है, तो कुछ खास घरों में यह कार्रवाई क्यों नहीं की गई। वहीं, ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधि सुमित चौरसिया ने दावा किया कि सभी गृहस्वामियों से पूछकर ही मीटर बदले जा रहे हैं, जबकि कॉलोनीवासियों ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया।

ग्राहक पंचायत ने संभाला मोर्चा, जनप्रतिनिधियों को भेजा पत्र

यह पूरा मामला अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत तक पहुंच गया है। पीड़ित महिला ने संगठन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह रघुवंशी को लिखित शिकायत सौंपी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राहक पंचायत के पदाधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

संगठन ने विद्युत नियामक आयोग के नियमों का हवाला देते हुए उपभोक्ताओं पर दबाव बनाकर मीटर लगाने की कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मनमानी बंद नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा।