शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र में वाहनों में इस्तेमाल होने वाले यूरिया का अवैध निर्माण करने वाली एक बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा गठित विशेष टीम ने शुक्रवार शाम को यह गोपनीय कार्रवाई को अंजाम दिया।
सिकंदरा बैरियर के पास चल रहा था अवैध कारोबार
यह अवैध फैक्ट्री सिकंदरा बैरियर के नजदीक भगवती ढाबे के पिछले हिस्से में संचालित की जा रही थी। एसपी की स्पेशल टीम को यूरिया के अवैध निर्माण की पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके आधार पर गोपनीयता बरतते हुए सीधे मौके पर दबिश दी गई। इस दौरान स्थानीय थाने की पुलिस को भनक तक नहीं लगने दी गई।
छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के भीतर से बड़े-बड़े कंटेनर बरामद किए गए, जिनमें करीब 14 हजार लीटर यूरिया भरा हुआ था। पूरी कार्रवाई के बाद स्थानीय दिनारा थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया और सारा अवैध सामान जब्त कर लिया गया।
तीन साल से तीन भाई चला रहे थे संचालन
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस अवैध कारखाने का संचालन आनंद यादव और उसके दो अन्य भाइयों द्वारा किया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार यह गैरकानूनी धंधा पिछले तीन साल से लगातार चल रहा था। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क और यूरिया की सप्लाई चेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी आनंद यादव (निवासी आवास) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि यह तैयार किया गया उत्पाद कहां-कहां खपाया जाता था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग संलिप्त हैं।
पशुओं की मौत के मामले से भी जुड़ रहे हैं तार
इस कार्रवाई के बीच कुछ महीने पहले मुख्य आरोपी आनंद यादव की पांच भैंसों की संदिग्ध मौत का मामला भी चर्चा में आ गया है। स्थानीय चर्चाओं के मुताबिक उन मवेशियों की मौत का कारण यूरिया का सेवन बताया जा रहा था।
अब पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इस अवैध फैक्ट्री में बन रहे पदार्थ का पूर्व में हुई पशुओं की मौत से कोई सीधा संबंध था या नहीं। विधिक और चिकित्सीय जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!