स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाला चेल्लम के ताजियों का पारंपरिक जुलूस मंगलवार की मध्य रात्रि को आरंभ हुआ, जो बुधवार सुबह तक अनवरत जारी रहा। इस धार्मिक आयोजन को देखने के लिए शहर के विभिन्न मार्गों पर हजारों की तादाद में लोगों की भीड़ जुटी।

लगभग 50 ताजिए हुए शामिल

इस वर्ष के आयोजन के तहत शहर के फिजिकल और देहात थाना क्षेत्रों के अंतर्गत कुल मिलाकर छोटे-बड़े लगभग 50 ताजिए सजाए गए थे। इन सभी ताजियों को उनके तय मुकामात से जुलूस की शक्ल में रवाना किया गया, जो अलसुबह माधव चौक पर एकत्रित हुए।

दूसरे शहरों से मंगाई गईं बैंड पार्टियां

जुलूस को और अधिक भव्य रूप देने के वास्ते आयोजक समितियों द्वारा ग्वालियर, झांसी, गुना, ललितपुर और साडोरा से विशेष तौर पर बैंड पार्टियों को बुलाया गया था। इसके साथ ही कई डीजे भी इस चल समारोह का हिस्सा बने, जहां मुस्लिम युवाओं ने पारंपरिक ढोल-ताशों की धुनों के बीच अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

मुंबई, दिल्ली, राजस्थान, श्योपुर, ग्वालियर और झांसी जैसे विभिन्न महानगरों तथा जिलों से तमाम श्रद्धालु इस विशेष आयोजन का हिस्सा बनने विशेष तौर पर शिवपुरी पहुंचे थे। रात से लेकर सुबह के वक्त तक पूरे शहर के रास्तों पर जनसैलाब की स्थिति बनी रही।

हुसैन टेकरी से करबला तक पहुंचेगा कारवां

आयोजन समिति के जानकारों के मुताबिक, तमाम ताजिए दोपहर करीब डेढ़ बजे तक हुसैन टेकरी पहुंचेंगे। इसके पश्चात तय धार्मिक रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार इन्हें करबला ले जाकर विसर्जित किया जाएगा। वहीं, इस पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण व व्यवस्थित ढंग से निपटाने के खातिर स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।