शिवपुरी शहर के मुख्य मार्गों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय दुकानदारों का विरोध सामने आया है। बुधवार रात को गांधी चौक के पास मनिहारी की दुकानें हटाए जाने के बाद प्रभावित महिलाओं ने तीखा विरोध दर्ज कराया। दुकानें हटाए जाने से आक्रोशित महिलाएं सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं।
अस्पताल चौराहा से माधव चौक तक चली प्रशासनिक कार्रवाई
नगरीय प्रशासन की टीम द्वारा बुधवार को अस्पताल चौराहा से लेकर माधव चौक तक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया था। इसी कार्रवाई के तहत गांधी चौक की सड़क किनारे लगने वाली मनिहारी की दुकानें भी हटाई गईं। प्रशासन की इस सख्ती के बाद प्रभावित महिलाएं रात के समय गांधी चौक पर एकत्र हो गईं और काम करने के लिए मोहलत मांगने लगीं।
प्रभावित महिलाओं का दर्द: वर्षों की रोजी-रोटी और कर्ज का संकट
धरने पर बैठी बसंती ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि वह वर्ष 1980 से लगातार गांधी चौक पर अपनी दुकान लगाती आ रही हैं। उनकी उम्र अब काफी हो चुकी है, ऐसे में उनके लिए मजदूरी करना या अन्य काम करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी दुकान के सहारे उनके परिवार का गुजर-बसर होता आ रहा है।
एक अन्य बुजुर्ग महिला मुन्नी ने बताया कि दीपावली का त्योहार नजदीक है और उन्होंने बिक्री के लिए भारी कर्ज लेकर सामान खरीदा है। इस कर्ज की रकम पर उन्हें दस प्रतिशत सैकड़ा ब्याज देना पड़ रहा है। पिछले तीन दिनों से दुकान न लग पाने के कारण उनकी बिक्री पूरी तरह ठप है और लगातार आर्थिक नुकसान बढ़ रहा है।
प्रशासन ने दी वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी
इस पूरे मामले पर यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ दुकानदारों के रोजगार का भी पूरा ध्यान रखा है। इसके तहत उनके बैठने के लिए वैकल्पिक स्थान चिन्हित किए गए हैं।
यातायात प्रभारी ने बताया कि हाथ ठेला संचालकों के लिए मंडी के पीछे ठंडी सड़क पर जगह तय की गई है। वहीं, गांधी चौक पर मनिहारी की दुकानें लगाने वाले कारोबारियों के लिए टेकरी बाजार के मुख्य मार्ग पर नया स्थान आरक्षित किया गया है ताकि उन्हें राहत मिल सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!