शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले चरखऊ गांव में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की लचर व्यवस्था के चलते ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। यहां के निवासियों को पिछले दो महीनों से राशन नहीं मिल रहा था, जिसके विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया।

अंगूठा लगवाने के बाद भी नहीं मिला गल्ला

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन दुकान के सेल्समैन ने ई-मशीन पर उनका अंगूठा तो लगवा लिया था, लेकिन इसके एवज में उन्हें दो महीने का खाद्यान्न नहीं दिया गया। जब बार-बार गुहार लगाने के बाद भी राहत नहीं मिली, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही खोड़ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उनकी पहल पर तुरंत राशन का वितरण शुरू कराया गया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और उन्होंने चक्काजाम समाप्त किया, जिससे यातायात सुचारू हो सका।

कोलारस में 11 राशन दुकानों पर कार्रवाई

एक अन्य मामले में कोलारस अनुविभाग प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 सरकारी राशन दुकानों के संचालकों पर शिकंजा कसा है। समीक्षा के दौरान इन दुकानों पर राशन वितरण का प्रतिशत 80 फीसदी से काफी कम पाया गया, जबकि ई-केवायसी पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार वहां पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध था।

वितरण में भारी कमी और राशन की हेराफेरी की आशंका को देखते हुए कोलारस अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ने कड़े निर्देश जारी किए। प्रशासन ने संबंधित प्रबंधकों, विक्रेताओं और सह-विक्रेताओं से कुल 25 लाख 80 हजार 225 रुपये की रिकवरी करने के आदेश दिए हैं।

इन लोगों से होगी शासकीय राशि की वसूली

प्रशासन द्वारा जारी वसूली सूची में गोपाल जाटव, पुनीत शर्मा, भैंवलिया यादव, अनिकेत धाकड़, कुबेर रावत, राजकुमार सिंह चौहान, सोनू जाटव, सुनील यादव, गोलू लोधी, विजय कुमार कुशवाह और राजकुमार जाटव शामिल हैं। संबंधित तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे इन सभी से तय राशि वसूलकर शासकीय खाते में जमा कराएं।