शिवपुरी शहर के व्यस्त झांसी तिराहे पर स्थित गांधी पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर चल रहे लंबे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स की ओर से दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ के समक्ष हुई।
वर्ष 1960 में तय हुई थी 25 साल की लीज
यह पूरा विवाद जमीन के पट्टे की अवधि समाप्त होने से जुड़ा है। नगर पालिका परिषद शिवपुरी द्वारा वर्ष 1960 में यह जमीन मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स को 25 वर्षों के लिए लीज पर दी गई थी। इस आवंटन के एवज में 4,472 रुपए प्रीमियम और 279.50 रुपए सालाना किराया निर्धारित किया गया था, जिस पर बाद में पेट्रोल पंप का संचालन शुरू हुआ था।
निर्धारित 25 साल की लीज अवधि पूरी होने के बाद भी भूमि का अनुबंध दोबारा नहीं बढ़ाया गया। इसके बाद नगर पालिका ने इस जमीन पर अपना अधिकार जताते हुए इसे वापस लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी थी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से नगर पालिका के पक्ष में फैसला आने के बाद संस्था को जमीन खाली करने के आधिकारिक नोटिस भी थमाए गए थे।
सोमवार को हुआ था भारी हंगामा और जेसीबी कार्रवाई
शीर्ष अदालत में सुनवाई से ठीक एक दिन पहले सोमवार को स्थानीय स्तर पर भारी प्रशासनिक गहमागहमी देखने को मिली थी। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा दल-बल के साथ जेसीबी और डंपर लेकर सीधे गांधी पेट्रोल पंप पहुंच गई थीं और मौके पर जमीन को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी।
जैसे ही बुलडोजर और जेसीबी से कार्रवाई आगे बढ़ी, पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मचारियों ने मशीन के सामने लेटकर कड़ा विरोध जताना शुरू कर दिया। कर्मचारियों के आक्रोश और हंगामे के कारण मौके पर करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और कार्रवाई को फिलहाल रोकना पड़ा था।
अब आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अब कानूनी रूप से नगर पालिका का पक्ष और मजबूत हो गया है। स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक हल्कों में अब इस बात पर नजर टिकी हुई है कि नगर पालिका प्रशासन इस बहुचर्चित जमीन को कब्जे में लेने के लिए अगला क्या कदम उठाता है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!