शिवपुरी जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को दूर-दराज से अपनी फरियाद लेकर पहुंचे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति यह थी कि परिसर में स्थापित वाटर कूलर में पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं था, जिससे आम नागरिकों को अपनी प्यास बुझाने के लिए बाहर से पानी खरीदकर पीने को मजबूर होना पड़ा।

दिव्यांग की नाराजगी और पेयजल संकट

जिले के खनियाधाना क्षेत्र से अपनी समस्या लेकर पहुंचे एक दिव्यांगजन ने व्यवस्थाओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा जनसुनवाई में आने वाले जरूरतमंदों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक मुमुहैया नहीं कराई जा रही हैं। कलेक्ट्रेट आने वाले ग्रामीणों का कहना था कि कम से कम पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था तो सुचारू होनी ही चाहिए।

डोंगल न मिलने से ठप पड़े पंचायत के कार्य

जनसुनवाई के दौरान पंचायत कार्यों से जुड़ी एक बड़ी समस्या भी सामने आई। करैरा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सिरसौद के सरपंच एवं सरपंच संघ के अध्यक्ष अतरसिंह लोधी ने एक आवेदन सौंपा। उन्होंने बताया कि बिजली समस्या को लेकर आयोजित धरना-प्रदर्शन के बाद अमोला थाने में उनके समेत 14 लोगों पर मामला दर्ज किया गया था, जिसके चलते पिछले डेढ़ महीने से पंचायत का डोंगल जनपद सीईओ के पास जमा है।

सरपंच ने शिकायत में स्पष्ट किया कि डोंगल न होने के कारण पंचायत के विकास कार्य पूरी तरह बाधित हो चुके हैं। इसके कारण सफाई कर्मियों के वेतन का भुगतान और महत्वपूर्ण नल-जल योजना के संचालन में भी अड़चनें आ रही हैं, जिस कारण उन्होंने तत्काल डोंगल वापस दिलाए जाने की गुहार लगाई।

खाद वितरण और स्कूल की व्यवस्थाओं पर सवाल

एक अन्य मामले में 74 वर्षीय बुजुर्ग किसान शम्भूदयाल शर्मा ने खाद की उपलब्धता को लेकर अपनी पीड़ा सुनाई। उन्होंने बताया कि उन्होंने 9 सितंबर को खाद के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया था और दोनों टोकन भी प्राप्त हो चुके हैं, बावजूद इसके उन्हें खाद नहीं मिल रहा है। किसान ने ठर्रा सहकारी समिति व सिंहनिवास संस्था के बीच भटकाए जाने और डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद देने की बात कही।

इसके अलावा, पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय पनघटा की बदहाल व्यवस्थाओं का मुद्दा भी कलेक्टर के समक्ष उठाया गया। अभिभावकों ने आवेदन देकर शिकायत की कि विद्यालय में प्राचार्य का पद रिक्त है, शिक्षकों और किताबों की कमी है, तथा कंप्यूटर व एआई कक्षाओं का संचालन ठीक से न होने के कारण पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है।

पेयजल और बिजली बिल में फर्जीवाड़े की शिकायत

नवोदय विद्यालय के हॉस्टल और परिसरों में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल परिसर में कई वाटर कूलर और हैंडपंप बंद पड़े हैं। करीब एक महीने पहले यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के उल्टी-दस्त से बीमार होने की घटना का हवाला देते हुए पानी की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की गई।

जनसुनवाई के अंतिम चरण में गणेशखेड़ा पंचायत के लालपुर गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने स्थानीय लाइनमैन पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइनमैन ने बिजली बिल के पैसे लेने के बावजूद उन्हें फर्जी रसीदें थमा दीं और राशि को आधिकारिक रूप से जमा नहीं किया। यहां तक कि कुछ ग्रामीणों से बिल के बदले गेहूं और घी लेने के आरोप भी लगाए गए हैं, जिस पर ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।