शिवपुरी जिले में आगामी 10 से 20 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले श्री नवदुर्गा महोत्सव को लेकर स्थानीय स्तर पर सरगर्मी तेज हो गई है। इसी सिलसिले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जिला पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मांग की है कि शहर में होने वाले सभी गरबा आयोजनों के लिए प्रशासन स्तर पर कुछ सख्त दिशा-निर्देश और शर्तें तय की जाएं ताकि धार्मिक गरिमा बनी रहे।
पहचान पत्र की अनिवार्यता और नशे पर रोक
बजरंग दल के विभाग संयोजक उपेन्द्र यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि महोत्सव के दौरान शहर में कई स्थानों पर गरबा कार्यक्रम होते हैं। पूर्व के आयोजनों में हुई कुछ घटनाओं का हवाला देते हुए संगठन ने मांग की है कि पंडालों में आने वाले हर व्यक्ति का प्रवेश केवल वैध पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड की जांच के बाद ही सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, नशे की हालत में आने वाले व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने और केवल मर्यादित धार्मिक गीत ही बजाए जाने की बात कही गई है।
धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पर रोक
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में यह भी मांग उठाई गई है कि 10 से 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस नौ दिवसीय पर्व के दौरान शहर के सभी प्रमुख सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों के आसपास मांस की बिक्री करने वाली दुकानों पर रोक लगाई जाए। संगठन का कहना है कि इससे त्योहार के माहौल में शांति और पवित्रता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कारवाई न होने पर स्वयंसेवकों द्वारा भ्रमण की चेतावनी
उपेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया कि संगठन ने प्रशासन से इन सभी बिंदुओं पर तत्काल नियम लागू करने का अनुरोध किया है। ज्ञापन के माध्यम से यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता खुद गरबा पंडालों में जाकर स्थिति का जायजा लेंगे और समाज तथा धर्म के हित में कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!