ग्वालियर-चम्बल अंचल के शिवपुरी जिले में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व पारंपरिक उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। शहर में इस अवसर पर तीन मुख्य स्थानों पर रावण दहन के भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिन्हें देखने के लिए भारी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

गांधी पार्क में पहली बार हुआ मेघनाद के पुतले का दहन

स्थानीय गांधी पार्क में मानव वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में रावण दहन का आयोजन किया गया। यहां इस बार शहर में पहली बार 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले के साथ-साथ मेघनाद का पुतला भी जलाया गया। भगवान राम का स्वरूप धरे कलाकारों द्वारा इन पुतलों का दहन किया गया, जिसे देखने के लिए मैदान में भारी भीड़ जुटी थी।

सिद्धेश्वर मैदान में 73 साल पुरानी परंपरा का निर्वहन

सिद्धेश्वर मंदिर मैदान पर पंजाबी परिषद द्वारा रावण दहन का आयोजन किया गया, जो पिछले 73 सालों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है। इस वर्ष यहां 45 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया था, जबकि पिछले साल 51 फीट का पुतला जलाया गया था। इस पुतले के निर्माण की जिम्मेदारी कारीगर आजाद खान ने संभाली थी।

मुख्य दहन कार्यक्रम से पहले मैदान पर राम-रावण युद्ध का जीवंत मंचन किया गया। इससे पहले आनंदपुर कुटिया जल मंदिर से एक चल समारोह निकाला गया जो हंस बिल्डिंग, ओरिएंटल बैंक, धर्मशाला रोड, मिर्ची बाजार और माधव चौक से गुजरते हुए सिद्धेश्वर मैदान पहुंचा। इस आयोजन में जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा और पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने भी विशेष रूप से शिरकत की।

काली माता मंदिर मैदान और वाहनों की पूजा

इसके अलावा, काली माता मंदिर मैदान पर नृसिंह समिति द्वारा रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां 40 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया, जिसकी ऊंचाई पिछले वर्ष के समान ही रखी गई थी। पर्व के इस पावन अवसर पर लोगों ने अपने कार्यस्थलों, मशीनों और वाहनों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

दशहरे के दिन बाजारों में भी खासी चहल-पहल देखने को मिली। कई लोगों ने इस शुभ दिन पर नए वाहनों की खरीदारी की, जिसके चलते ऑटोमोबाइल शोरूमों पर ग्राहकों की अच्छी खाسی भीड़ नजर आई। नागरिकों ने अपने वाहनों को सजाने के लिए फूलों की मालाएं भी खरीदीं।